एक घर की कहानी (गोंडी भाषा में)
ग्राम-मेढ़ो, तहसील-दुर्गूकोन्दल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला के साथ विदेशी कुमरे है जो उनके परिवार, घर और अपने जीवन के बारे में गोंडी भाषा में बता रहे है, उनके यहां अभी धान का रोपा लगा रहे है, उसका काम अभी पूरा नहीं हुआ है | उनके घर में 6 सदस्य है उसमे उनका बेटा और बहू और 2 बच्चे है जो स्कूल जाते है| बेटा बहू उनके साथ खेत के काम में हाथ बटाते है उनके घर में ज्यादा किसी प्रकार की सब्जी भाजी नहीं होती है इसलिए वे लोग बाजार से खरीद कर लाकर खाते है |
Posted on: Jul 28, 2018. Tags: GONDI KANKER VIDESHI KUMRE
चुटकु गोपा पयाना वलीय दायंना...गोंडी गीत-
ग्राम-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से दीपिका उइके एक गोंडी गीत सुना रही है, इस गीत में आदिवासी लोग अपनी जिन्दगी किस तरह से गुजर बसर करते हैं उसके बारे में बताया गया है:
चुटकु गोपा पयाना वलीय दायंना-
इद मावा जिन्दगी रंड देना-
एटेंग बोटेंग पयाना-
पयाना वलीय दायंना-
दादा न वायना चिव्डी कुशाना...
दीपिका उइके@7587256858.
Posted on: Jul 27, 2018. Tags: DEEPIKA UIKEY GONDI SONG KANKER
मन करसी वन्तान मन करसी वन्तान...गोंडी गीत
ग्राम पंचायत-मेढ़ो, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़ ) से संतोषी गावडे और शांति वट्टी एक गोंडी गीत सुना रहे है, इस गीत को जब लड़का लड़की को चूड़ियाँ पहनाता है तब गाया जाता है:
रीलो यो रीलो रीलो रीलो रीलो यो-
रीलो यो रीलो रीलो रीलो रीलो यो-
मन करसी वन्तान मन करसी वन्तान-
रीलो यो रीलो रीलो रीलो रीलो यो-
बारगा बारगा ततान बारगा बारगा ततान...
Posted on: Jul 27, 2018. Tags: GONDI SONG KANKER SANTOSHI GAWDE SHANTI WATTI
वायकी-वायकी सिलेदार अवरगोटू ते...गोटुल गोंडी गीत
ग्राम-मेढ़ो, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से संदीप एक गोंडी गीत सुना रहे है. इस गीत के माध्यम से वे गोटुल के बारे में बता रहे है:
रे रे लोयों रे रे रेला, रेरे लोयों रे रे रेला-
वायकी-वायकी सिलेदार अवरगोटू ते-
नीवा नावा पोलो एल नार गोटुल ते-
नीवा नावा पोलो एल नार गोटुल ते-
इच्का गुफा पोयना वेली दायना-
इच्का गुफा पोयना वेली दायना-
इंद मावा जिंदगी रण्ड दियना-
इंद मावा जिंदगी रण्ड दियना...
Posted on: Jul 26, 2018. Tags: GONDI SONG KANKER SANDEEP
नवजनता तलुम पुन्गार जौहार कियनता...गोंडी गीत
ग्राम पंचायत-अमोड़ी, तहसील-अंतागढ़, जिल-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलावती वड्डे और रवीना मंडावी एक गोंडी गीत सुना रहे है, इस गीत को खेल कूद करते समय गाया जाता है:
रे रे लोयो रेला रेला राला रे रेला-
रे लोयो रे रे रेला राला रे रेला-
नवजनता तलुम पुन्गार जौहार कियनता-
रे लोयो रे रे रेला राला रे रेला-
चार गाँव ता मेंढकी मटा खदान खुले माता-
रे लोयो रे रे रेला राला रे रेला...



