वायकी-वायकी सिलेदार अवरगोटू ते...गोटुल गोंडी गीत
ग्राम-मेढ़ो, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से संदीप एक गोंडी गीत सुना रहे है. इस गीत के माध्यम से वे गोटुल के बारे में बता रहे है:
रे रे लोयों रे रे रेला, रेरे लोयों रे रे रेला-
वायकी-वायकी सिलेदार अवरगोटू ते-
नीवा नावा पोलो एल नार गोटुल ते-
नीवा नावा पोलो एल नार गोटुल ते-
इच्का गुफा पोयना वेली दायना-
इच्का गुफा पोयना वेली दायना-
इंद मावा जिंदगी रण्ड दियना-
इंद मावा जिंदगी रण्ड दियना...

