ये दे जिंदगी के नई आय ठिकाना ठिकाना गा संगी...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
ये दे जिंदगी के नई आय ठिकाना ठिकाना गा संगी-
अनी बानी के रोग आगे-
मुश्किल होगे जीना गा संगी-
ये दे आनी बानी के रोग आगे-
खार-खार मा खोजे ला संगी, किसिम-किसिम के खाना...

Posted on: Mar 16, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

रूप रंग भाखा के, ले नई आय चिन्हारी, कौवा भी काली-काली, कोयल भी काली...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
रूप रंग भाखा के, ले नई आय चिन्हारी-
कौवा भी काली-काली, कोयल भी काली-
कोयल के बोली हवे सबसे निराली-
कौवा के करकस बोली, मारत हवे ठिठोली...

Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

चलो नदिया के तीरे हवे मोर गांव गा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चलो नदिया के तीरे हवे मोर गांव गा-
कोर्री बोड़ा झरिया-झरिया खारीर पड़े हवे-
तमनार ओकर नाव गा-
चारो कोती खेत खार मंझा में मोर गांव गा-
आमा बोराई, महुआ बोराई, खाओं खाओं गा...

Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

खाल्हे मूडा, ऊपर मूडा, कारी बनी, नागर मूडा, धान होत रहिस कुढा-कुढा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
खाल्हे मूडा, ऊपर मूडा, कारी बनी, नागर मूडा-
धान होत रहिस कुढा-कुढा-
जम्मो ला ले बोरी जिंदल बूढ़ा-
सरदार डीपा, जननी खार, तेलाई खार-
ताव मूडा, बराही खार, छोटे सेमरिया-
बड़े सेमरिया, कुदरी खार गा...

Posted on: Mar 15, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

120 वर्ष जीने वाला 60-70 वर्ष में ही जग छोड़कर चला जा रहा है, इससे दुर्भाग्य और क्या है...गद्द्यांश

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक गद्यांश (दुर्भाग्य और क्या है) सुना रहा है:
आज गाँवों को शहर में तब्दील होते देख रहा हूँ-
गाँव के मुखिया को गुथियारी करते देख रहा हूँ-
मंदिर को मदिरालय में तब्दील होते देख रहा हूँ-
हंसने खेलने के दिन में बच्चों को बोझ तले दबते देख रहा हूँ-
नदी नालों को दुखित होते देख रहा हूँ-
वन उपवन को कटते हुए देख रहा हूँ-
जिधर देखो भीड़ ही भीड़ शोरगुल का आलम भगदड़ मचा है-
चारो तरफ मौत का पहरा है-
बे स्वास्थय जलवायु से विभिन्न्य प्रकार के रोग प्रविष्ट जूझ रहा है-
रोक थाम का नाम नही बल्कि और तेजी से फैलाया जा रहा है-
जिसका परिणाम हर व्यक्ति को झेलना पड़ रहा है-
लाभ एक को होता है लेकिन भुगतना सभी को पड़ता है-
नई-नई खोज, नया-नया आविष्कार सुख-सम्रद्धि तो है-
पर इसका दुष्परिणाम भी भयानक है-
120 वर्ष जीने वाला 60-70 वर्ष में ही जग छोड़कर चला जा रहा है-
इससे दुर्भाग्य और क्या है-

Posted on: Mar 14, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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