गाँव में मसाला पीसने के लिये उपयोग होता है ओखली...
ग्राम-लालागुड़ा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से रमेश यादव गाँव में उपयोग होने वाले ओखली के बारे में बता रहे हैं, ओखली को लकड़ी से बनाया जाता है, बाजार में ये लोहे का मिलता है, ओखली का उपयोग मिर्ची, हल्दी, मसाला आदि का चूर्ण बनाने के लिये उपयोग किया जाता है, गाँव में आज भी इसका उपयोग होता है, वे लोग चक्की से नहीं पिसाते हैं| (AR)
Posted on: Aug 09, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
गाँव का नाम बागमुंडी कैसे पड़ा पर चर्चा...
ग्राम-पटेल पारा, पंचायत-बागमुंडी पनेरा, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) के निवासी धनीराम कवासी और उनके साथी गाँव का नाम बागामुंडी कैसे पड़ा के बारे में बता रहे हैं, गाँव के लोगो की मान्यता है कि उनके गाँव में पहले बाघ आकार रहा करते थे जिसके कारण लोग उस स्थान छोड़कर दूसरे स्थान पर चले जाते थे इस तरह से जो लोग उस गाँव को छोड़कर दूसरे स्थान पर बसे उन लोगो ने बाद में बने गाँव को बागामुंडी नाम दिया और उस जगह पर जहाँ बाघ रहते थे उस जगह को छोड़ दिया गया और बाद में वहां पर देवी का मंदिर बना दिया गया, आज भी वहां गाँव नहीं बसाया गया| (AR)
Posted on: Aug 07, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
भरोसे का फायदा उठाना - बगुले, गिध्द और बिल्ली की कहानी...
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व एक कहानी बता रहा है, एक पेड़ पर एक बगुला आपने बच्चो के साथ रह रहा था बच्चे बहुत छोटे थे उड़ नही पाते थे इस लिए वे घोसला में ही रहते थे| बगुला उनके लिए छोटी मछलिया ले आता था जिनसे वे उनकी भूक मिटाया करते थे एक समय की बात है की एक गिध्द आया और उनसे निवेदन किया की मै परिवार में आकेला हो गया हूँ| की मेरे परिवार में कोई भी सदस्य नही बचा है मुझे अपने परिवार में शरण देदो मै आपके बच्चो को देख भाल करूँगा उन्हें ज्ञान बाते बताऊंगा कहानी किस्से सुनाऊंगा, तो बगुले ने कहा तुम गिध्द हो तुम मेरे बच्चो को मार डालोगे तो गिध्द ने कह तुम मुझ पर भरोसा रखों मै तुम्हारे बच्चो के साथ कोई अन्याय नही करूंगा गिध्द बार बार निवेदन किया जिसके पश्चात् बगुला को विश्वास हो गया| उसने गिध्द अपने घर में जगह दे दी अब बगुला चला जाता था बाहर और बच्चे गिध्द के साथ रहने लगे जो गिध्द को दादा कहने लगे और गिध्द कहानी किस्से सुनाया करते थे फिर इस तरह समय गुजरने लगा एक बार बिल्ली आया और बगुले के बच्चे को खाना चाहता था लेकिन सोच रहा था कि कैसे खाऊ यहाँ तो गिध्द है| कोई उपाय करना होगा चलाकी करनी होगी गिध्द बिल्ली के पास गया गिध्द घुस्से से बोला क्यों आये हो यह पर चलो निकलो यह से तो बिल्ली ने कहा की मैंने मास मछली खाना छोड़ दिया हैं क्योकि अब मनुष्य जन्म जो पाना है| तुम मुझ पर भरोसा रखो मै बच्चों को कुछ नही करूँगा मै भी बच्चों को ज्ञान की दो बाते सुना लिया करूंगा तो गिध्द को भरोसा हो गया और बिल्ली भी बैठ गया वही पर ज्ञान की बात सुनाते-सुनाते गिध्द को नींद आ गयी भरोसे का फायदा उठाकर बिल्ली ने बगुले के सारे बच्चे खा गया और लापता हो गया| इतने में बगुला आया देखता है अरे मेरे बच्चें कहा है उसी दौरान गिध्द गहरी नींद से उठा और वह भी धकमका गया तो बगुले ने गिध्द को बोला कि तुमने मेरे बच्चों को मार डाला..
Posted on: Aug 06, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
कवि कालीदास की कहानी...
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व कालीदास की कहानी सुना रहे हैं, कालीदास महामूर्ख थे, उनका विवाह एक विद्वान स्त्री से हुआ है, वे अपनी पत्नी से बहुत प्रेम करते थे, उनकी पत्नी ने उसे समझाया और ऐसे कटु शब्द कहे जिससे कालीदास बदल गये और आगे चलकर महान कवि बने, यदि आज के समय हम भी अपनी कमी को पहचान कर सुधार लें तो जीवन में आगे बढ़ सकते हैं| (AR)
Posted on: Jul 27, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
नाग पंचमी पर दार्शनिक स्थान केवार सरई के बारे में जानकारी...
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक ऐतिहासिक जगह के बारे में जानकारी दे रहे हैं, ये जगह सिद्ध बाबा केवार सरई के नाम से जाना जाता है, ये स्लोथान सोन नदी और गोडाहरी नहीं के संगम के पास है वहां पर लोग मन्नत मांगने जाते हैं, लोगो की मान्यता है कि उस स्थान पर कई साल पहले एक लकडहारा पेड़ काट रहा था आधा काटने के बाद वह घर चला गया और दूसरे दिन वहां पर आया तो देखा कि वह पेड़ वापस से जुड़ चुका है| वहां पर कई देवी देताओ की प्रतिमा है लोग दर्शन करने आते हैं, भजन कीर्तन करते हैं| नाग पंचमी के दिन लोग उन मूर्तियों में दूध चढ़ाते हैं|

