वायकी-वायकी सिलेदार अवरगोटू ते...गोटुल गोंडी गीत
ग्राम-मेढ़ो, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से संदीप एक गोंडी गीत सुना रहे है. इस गीत के माध्यम से वे गोटुल के बारे में बता रहे है:
रे रे लोयों रे रे रेला, रेरे लोयों रे रे रेला-
वायकी-वायकी सिलेदार अवरगोटू ते-
नीवा नावा पोलो एल नार गोटुल ते-
नीवा नावा पोलो एल नार गोटुल ते-
इच्का गुफा पोयना वेली दायना-
इच्का गुफा पोयना वेली दायना-
इंद मावा जिंदगी रण्ड दियना-
इंद मावा जिंदगी रण्ड दियना...
Posted on: Jul 26, 2018. Tags: GONDI SONG KANKER SANDEEP
नवजनता तलुम पुन्गार जौहार कियनता...गोंडी गीत
ग्राम पंचायत-अमोड़ी, तहसील-अंतागढ़, जिल-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नीलावती वड्डे और रवीना मंडावी एक गोंडी गीत सुना रहे है, इस गीत को खेल कूद करते समय गाया जाता है:
रे रे लोयो रेला रेला राला रे रेला-
रे लोयो रे रे रेला राला रे रेला-
नवजनता तलुम पुन्गार जौहार कियनता-
रे लोयो रे रे रेला राला रे रेला-
चार गाँव ता मेंढकी मटा खदान खुले माता-
रे लोयो रे रे रेला राला रे रेला...
Posted on: Jul 26, 2018. Tags: GONDI SONG KANKER NILAVATI WADDE RAVINA MANDAVI
हम बदले तो ये जन बदलेगा, ये जन बदले तो ये जगत बदलेगा...समूह गीत
ग्राम पंचायत-सालेभाट, तहसील-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुंवरवती साहू और श्रीमती शांति यादव एक समूह गीत सुना रहे हैं :
हम बदले तो ये जन बदलेगा, ये जन बदले तो ये जगत बदलेगा-
ये लोग नही बदल रहे हैं करके नही सोचना-
पहले अपने लोग बदले तो अच्छा रहेगा-
मछली पकड़ के दिए तो नही बदलेगा-
इनको पकड़ना सिखाओ तो अच्छा रहेगा-
हम बदले तो ये जन बदलेगा ये जन बदले तो ये जगत बदलेगा...
Posted on: Jul 25, 2018. Tags: KANKER KUNWARWATI SAHU SANTI YADAV SONG VICTIMS REGISTER
इस जमाने में नारियो का झंडा ऊँचा उठाना है...महिला समूह गीत
ग्राम-सालेभाट, विकासखंड-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ) से शांति यादव, कुवरबती साहू, अनीता साहू और राधा यादव एक महिला समूह गीत सुना रहे है:
इस जमाने में नारियो का झंडा ऊँचा उठाना है-
ए दी तुम नारी हो तो हमारा साथ दो – चाहे तुम अमीर हो, चाहे तुम ग़रीब हो – ए दी तुम नारी हो तो हमारा साथ दो – इस जमाने में नारियो का झंडा ऊचा उठाना है...
Posted on: Jul 24, 2018. Tags: ANITA SHAU HINDI SONG KANKER KUWARBATI SAHU SHANTI YADAV SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव का नाम सालेभाट कैसे पड़ा : एक गाँव की कहानी-
ग्राम पंचायत-सालेभाट, तहसील-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के अंकित पडवार के साथ में आज सुखराम वट्टी (गाँव के पटेल) हैं जो उनको बता रहे है कि उनके गाँव का नाम सालेभाट कैसे पडा: ग्राम सालेभाट जो वनांचल के नजदीक प्रकृति की गोद में बसा एक ख़ूबसूरत गाँव है, जहाँ लगभग 900 लोग निवास करते हैं क्योंकि उनके गाँव में पहले के ज़माने से लेकर अभी तक साल के बहुत पेड है जिससे दरवाजे, टेबल, कुर्सी आदि बनाये जाते है. यह पेड़ यहां अधिक मात्रा में होता है, इसलिए उनके गाँव का नाम सालेभाट पड़ा |


