नर हो ना निराश करो मन को...कविता-

जिला-विदिशा, राज्य-मध्यप्रदेश से अजय कुमार मांझी कविता सुना रहें हैं:
नर हो ना निराश करो मन को-
कुछ काम करो कुछ काम करो-
जग में रह कर कुछ नाम करो-
जो जन्म हुवा वो व्यार्थ ना हो-
जिस्म यह व्यार्थ ना हो-
नर हो ना निराश करो मन को...(ID(182254)

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: AJAY KUMAR MANJHI MP POEM VIDISHA

जल जंगल प्यारी- जन जन को मिले पर्यावरण शिक्षा...कविता-

ग्राम-दम्कसा, जिला-कांकेर(छ्त्तीसगढ़), हमें एक बुजुर्ग मिले जिन्होंने बगीचा में कई तरह के पेड़ पौधे, वनस्पती उगाई हुई है| वो कविता भी लिखते हैं उन्होंने बोर्ड पर कविता लिख बगीचे में लगे हें है| आइये पढ़ते हैं उनकी कविता-
जल जंगल प्यारी-
जन जन को मिले पर्यावरण शिक्षा-
पेड़ पौधे करें वन की रक्षा-
पशु पक्षी जीव जगत मानव हितकारी-
पेड़ पौधे वनस्पति जल जंगल प्यारी-
नवपल्लवित पेड़ पौधे नवपल्लवित पेड़ पौधे-
पेड़ पौधों की हरियाली से युक्त-
प्रकृति और पर्यावरण रहे प्रदूषण मुक्त-
पेड़ पौधे बढें, बने छायादार महल-
मिलेगी शुद्ध हवा, रहेंगे हरे भरे जंगल-
पेड़ पौधे जल जंगल अभिनन्दन करें-
प्रकृति नित नव रूप धरे-
ज्योति रूप सुरे चाँद तारे-
धरती माँ का गोद भरे-
अनंत रूप जग सारे न्यारे-
लता तरुवर स्वागत करते-
पक्षी जगत गुणगान करते-
कोटि कोटि हम नमन करे-
बंधन और अभिनन्दन करें-
प्रकृति की लीला अपरम्पार-
उसे प्रणाम मेरा बारम्बार...(185744)

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: CG KANKER PRYAVARN POEM SHERSINH ACHALA

गिरजा के नंदन पहली है वंदन...भजन गीत-

जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से मुकेश राजपूत एक भजन गीत सुना रहे हैं :
गिरजा के नंदन पहली है वंदन-
रामकथा में आओ महाराज-
हरी कीर्तन में आओ महाराज-
चरण विजय प्रभु मोर विनय करबे-
राम के भक्ति ला मा हृदय माँ धरले-
बड़े बड़े ऋषिमुनी गावत हवय तोर गुनी...

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: BHAJAN SONG CG MUKESH RAJPOOT MUNGELI

हमसे का भूल हुई जो ये सज़ा हमका मिली...गीत-

मटिया आलम, निबुआ नारंगिया, जिला-कुशीनगर, उत्तरप्रदेश से सुकई कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
हमसे का भूल हुई जो ये सज़ा हमका मिली-
अब तो चारों ही तरफ़ बंद है दुनिया की गली-
हमसे का भूल हुई जो ये सज़ा हमका मिली-
दिल किसी का न दुखे हमने बस इतना चाहा-
पाप से दूर रहे झूठ से बचना चाहा...

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: KUSHINAGAR SONG SUKAI KUSWAHA UP

मोर छत्तीसगढ़ के माटी...गीत-

जिला-मुंगेली, छत्तीसगढ़ से मुकेश राजपूत एक गीत सुना रहे हैं, जिसके बोल हैं, “मोर छत्तीसगढ़ के माटी” |
मोर छत्तीसगढ़ के माटी-
तोला कतका करो मै हा चार-
इंहा के माटी हा चंदन बने हे-
ऋषि मुनि के माथा मा लगे हे-
सुर के संग संग गीत साजे हे-
मया के डोरी मा सबो बंधे हे... (AR)

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: CG MUKESH RAJPUT MUNGELI SONG

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