वनांचल स्वर : कोशम के पेड़ में लाख की खेती...
ग्राम-कवाची कटेल, ब्लाक-दुर्गकोंदल, तहसील-भानुप्रतापुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से राजकुमार नेताम बता रहे हैं कि ये लोग पूर्वजों के समय से जंगलो में रहते हैं आदिवासी हैं और कोशम के पेड़ो में लाख लगाते हैं, 40 से 50 घर के लोग लाख की खेती करते हैं| एक आदमी एक साल में लगभग 20 से 25 किलो लाख बिक्री करते हैं, एक किसान लाख की खेती से कभी 5 हजार रूपये, कभी 20 हजार रूपये, 50 हजार रूपये कमा लेते हैं| इसी पैसे अपना जरुरतों को पूरा करते हैं, लाख की साल में 2 बार कटाई होती है| गाँव के लोगों को लाख की खेती करने से बहुत लाभ होता है| सम्पर्क:- 9407611048 (RM)
Posted on: Feb 19, 2021. Tags: CG KANKER RAJKUMAR NETAM VANANCHAL SWARA
हरियारा नीमियां गछिया हरियारा...भक्ति गीत-
सोमन्रंदा (बिहार) से रोशन कुमार एक भक्ति गीत सुना रहें है:
हरियारा नीमियां गछिया हरियारा-
पतईया हो ताहिर पतहिया पान-
मैया मोरी गयली लोभाई-
ताहिर पतहिया पान-
पतईया हो ताहिर पतहिया पान-
आमा महुई नही भावे पिपरियां हो-
हरियारा नीमियां गछिया हरियारा...(185230) GT
Posted on: Feb 19, 2021. Tags: BHAKTI SONG BIHAR KUMAR ROSHN
वनांचल स्वर: पहाड़ों में माओली माता का निवास होता है...
ग्राम-धनेलीकन्हार, तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार मारगिया उनके ग्राम में पूजे जाने वाले देवी-देवताओं के बारे में बता रहे हैं। स्थानीय निवासियों की मान्यता के अनुसार पहाड़ों में माओली माता का निवास होता है। तीज त्यौहार और मेले के समय लोग विधिवत तरीके से माता की पूजा अर्चना करते हैं, जिससे माता लोगों को आशीर्वाद देती हैं, बारिश लाती हैं, फसल अच्छी होती है और लोग निरोग रहते हैं। गांव के विकास के लिए राउड़ देव का निर्माण किया जाता है। यह माना जाता है कि वह देव नियुक्ति में प्रमुख स्थान पर हैं। गांव में शांति और भाईचारे की भावना को इसी तरह बनाए रखने के लिए लोग अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा करते हैं।
Posted on: Feb 16, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRENDRA KUMAR
क्यों पूछू तुमसे एक सवाल...कविता-
पूर्णिया, बिहार से खागेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं, “क्यों पूछू तुमसे एक सवाल” |
अपने गीत संदेश को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Feb 16, 2021. Tags: BIHAR KHAGESH KUMAR POEM
वनांचल स्वर: इनकी ग्राम पंचायत में कोई भी आश्रित ग्राम नहीं है-
ग्राम-धनेलीकन्हार, तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार बताते हैं कि उनके गांव से सभी लोग जंगल पर आश्रित हैं। इनकी ग्राम पंचायत में कोई भी आश्रित ग्राम नहीं है।
उनके गांव में हलबा और गोंड जनजाति के लोग रहते हैं। संपर्क@8839492918. (185603) GT
