पीड़ितों का रजिस्टर: 14 जनवरी वर्ष 2009 में उनके परिवार के साथ घटना हुई,
ग्राम पंचायत बासागुड़ा, ब्लाक-उसुर, जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से नागेश्वरी बता रही हैं, उनका परिवार नक्सली पीड़ित हैं| उनके पति पंडित राव ताला पल्ली का 14 जनवरी वर्ष 2009 में घटना हुआ| घटना के बाद उन्हें एक लाख रुपयें और सरकारी नौकरी मिली शासन के तरफ से, और अभी कराये की मकाम में रहते हैं लेकिन वहां रहने में बहुत परेशानी हो रही है| उनका कहना हैं की उन्हें आवास घर मिल जाने से मदद होगी| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर:9098185520.
Posted on: Jan 23, 2023. Tags: BASAGUDA BIJAPUR CG KILLED MAOIST VICTIM USUR VICTIM RAJISTAR
पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सली संगठन में जुड़ कर काम किए परेशानी होने से सरेंडर किए...
ग्राम खेमा, पंचायत जमई, ब्लॉक मर्दापाल, जिला कोंटा छत्तीसगढ़ से धनसिंह कोराम जी बता रहे हैं वे नक्सली संगठन में काम करते थे। नक्सली लोग उनको बोले थे मकान एवं पैसा मिलेगा करके, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। और नक्सली लोग के साथ बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। फिर उन्होंने सरेंडर किए। सरकार ने बोले पैसा मिलेगा कर के लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिला है। इसलिए सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अनुरोध कर रहे हैं। सरकार से बात करके पैसा दिलाने में मदद करें। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर: 9406116833.
Posted on: Jan 20, 2023. Tags: CG KONTA MAOIST VICTIM MARDAPAL SURRENDER VICTIM RAJISTAR
आजा रे आजा रे पिया सन चिरैया रे...छत्तीसगढ़ी गीत
रायसिंह शांडिल्य, ग्राम कोट पंचायत पोस्ट पटना, जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं
आजा रे आजा रे पिया सन चिरैया रे,
पीहू पीहू पपीहा हरकतें गोहार,
सुनी सुनी कलपथे महुआ के डार,
आजा रे आजा रे पिया सन चिरैया रे,
इति डोले ऊती डोले पीपर के पान,
Posted on: Jan 20, 2023. Tags: CG PATNA SONG SURAJPUR
ताये दरस देवे भवजी तोर खोपा... छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम पंचायत कोटेया, ब्लाक प्रतापपुर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं:
ताये दरस देवे भवजी तोर खोपा,
दादा हर लूंगवा भवजी के माया में फस गए, देवरा वो दरस देवे ताये दरस देवे भवजी तोर खोपा...
Posted on: Dec 04, 2022. Tags: CG PRATAPPUR SONG SURAJPUR
एक नगर में दो आदिवासी बालक की कहानी...
(मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार बड़वानी कहानी सुना रहे है |
एक नगर में दो आदिवासी बालक रहते थे |उन दो की बड़ी गहरी मित्रता थी | उन दोनों के नाम छोटू और अर्जुन थे |और उनके गाँव में सुंदर काका नामक व्यक्ति रहता था |सुंदर काका के बगीचे में बहुत सारे आम के पेड़ थे |छोटू और मोटू रोज वहां से गुजरते थे लेकिन आम तोड़ने का साहस नहीं होता था |एक दिन अर्जुन ने छोटू को कहा आज सुंदर काका नहीं है, आम खाने का बड़ा अच्छा मौका है |वे दोनों बगीचे पेड़ में गए और आम के पेड़ को पत्थर मारे, पत्थर पेड़ के नीचे खड़े सुंदर काका के सर में लग गया| और वे दोनों भागने लगे लेकिन रखवाले ने उन दोनों को पकड़ लिया और सुंदर काका के पास ले गए |दोनों बहुत डरे हुए थे | रखवाले ने कहा आज्ञा हो तो इन दोनों के हड्डी पसली तोड़ दू |सुंदर काका बोले इन दोनों का मन आम खाने का था, इन्हें मरने का नहीं |गलती से मुझे पत्थर लग गया तो दोनों का क्या दोष, छोड़ दो |बोले बेटा जब भी आम खाने का मन करे तो आम खाने आ जाना | इस घटना के बाद कभी भी छोटू और मोटू चोरी के आम नहीं खाते थे| जब भी मन होता सुंदर काका से मांग लेते थे |
