If we have a pond, can grow second crop, will help us all, officers don't listen...
Shivlal Usendi is visiting Chhavela village in Dhanora tehsil of Gadchiroli district in Maharashtra where villagers tell him in their Gondi language that 120 adivasi families live there and if they had a pond then they can do second crop and it will work for economic benefit of all the families but govt officers are not listening. You are requested to call Collector@9403774877, Tehsildar@7588140000, CEO@9822600044 to help suffering villagers. For more villager Ramdas@ Gawde07588959609
Posted on: Oct 14, 2015. Tags: Gondi SHIVLAL USENDI SONG VICTIMS REGISTER
पर्स कोला रेलों यो रेला,मर्मल के माता रो येलो केलो रे...गोटुल विवाह गीत
ग्राम-जूही,पंचायत-ढोडरा, तहसील-भामरागढ़, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से शिवलाल उसेंडी गाँव के युवक-युवतियाँ से गोटुल गीत सुनवा रहे हैं, इस गीत को शादी के समय में गया जाता हैं इस गीत में लड़की बोल रही हैं कि मैं गोटुल में नाचने जाउंगी:
पर्स कोला रेलों यो रेला,मर्मल के माता रो येलो केलो रे-
हाय मर्मल के माता रो येलो केलो रे,पर्स कोला रेलों यो रेला-
नना नर माया दाका रो येलो टेलो ले,पर्स कोला रेलों यो रेला...
Posted on: Oct 05, 2015. Tags: SONG Shivlal Usendi VICTIMS REGISTER
आन्दु रा लो यो री बेकोड़ गिरदा आन्दु रा लो यो री...गोंडी गोटुल गीत
ग्राम-एमलकस्य, तहसील-भामरागढ़, जिला-गढ़चिरोली, महाराष्ट्र से शिवलाल उसेंडी गाँव के महिलाओं से एक गोंडी गीत रिकॉर्ड करवा रहे हैं. यह गीत गोटुल में नृत्य करते हुए युवा-युवतियां गाते हैं. गीत में लोग एक-दूसरे से जानने का प्रयास कर रहे हैं कि गाँव के मुखियाजी कहां हैं, उनका घर कहां है इत्यादि :
आन्दु रा लो यो री बेकोड़ गिरदा आन्दु रा लो यो री-
रहतड़ लो नी वय तूड़ राते को री-
तीना नामे मेरे नानो रे...
Posted on: Sep 16, 2015. Tags: Shivlal Usendi
इरोले करौ ले अंदौ ये...गोटुल से गोंडी गीत
शिवलाल उसेंडी छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजूर तहसील के कोड़ेनार पंचायत के पीतकसा गाँव से गोटुल में नृत्य कर रहे युवतियों द्वारा गाए जा रहे गोंडी गीत की रिकॉर्डिंग कर रहे हैं. यह गीत गोटुल में कार्यक्रम समापन के समय गाया जाता है:
इरोले करौ ले अंदौ ये...
Posted on: Aug 16, 2015. Tags: Shivlal Usendi
मोर संग चलौ रे, मोर संग चलौ रे...छत्तीसगढ़ी गीत
शिवलाल उसेंडी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक गीत गा रहे हैं. गीत में सामूहिक एकता पर बल दिया गया है:
मोर संग चलौ रे, मोर संग चलौ रे-
वो गिरे थके अब के मन, औ करे-डरे मन के मन-
मोरे संग चलौ रे, मोरे संग चलौ जी-
हम रहिया कस जोड़ छाँव में मोरे संग बैठ जुड़ा लौ-
पानी पी लौ मैं सागरिया दुःख-पीरा बिखरा लौ-
कहां जाहु बड़ी दूर है गंगा, पापी इहाँ तरौ रे-
मोरे संग चलौ रे, मोरे संग चलौ रे...

