वैशाख मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को ही अक्षय तृतीया कहते हैं-

सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी अक्षय तृतीय महापर्व के बारे में बता रहे हैं | हिदू संस्कृति में व्रत और त्योहारों का विशेष महत्व है| ये नई प्रेरणा और स्फूर्ति का सृजन करते हैं| वैशाख मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को ही अक्षय तृतीया कहते हैं। अक्षय का शाब्दिक अर्थ हैं| जिसका कभी क्षय न हो| यह माह गर्मी का होता है, और माना जाता है अक्षय तृतीया के दिन दिया गया, दान कभी नष्ट नहीं होता। उसका फल आपको इस जन्म के साथ-साथ कई जन्मों तक मिलता रहता है।

Posted on: May 03, 2019. Tags: CG CULTURE MUNGELI RAMAKANT SONI SONG VICTIMS REGISTER

गांव में आमा खाई त्योहार से पहले लोग आम नहीं खाते, किसान देवी देवतओं को बीज अर्पित करते हैं-

ग्राम-जमावाड़ा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से फुलसिंग अपने गांव में आज रविवार को हो रहे आमा खाई का त्योहार के बारे में बता रहे हैं| आमा खाई त्योहार उनके गांव का पारंपरिक त्योहार है| ये त्योहार कई वर्षो से वे मना रहे हैं| आम के पेड़ पर फल लगने पर ये त्योहार किसी भी दिन मना सकते हैं| इस दिन किसान अपने आने वाले अच्छे फसल के लिये देवी देवतओं को बीज समर्पित करते हैं| साथ ही नये फल को देवताओं को अर्पित कर घरो में उपयोग करते हैं| मेहमानों को बुलाते हैं| पूजा पाठ करते हैं| गांव में लोगो की मान्यता है कि इस त्योहार से पहले आम को खाने से उनके जीवन में बुरा प्रभाव पड़ता है| स्वास्थ्य खराब होने जैसे स्थिती होती है| जीवन में बाधा उत्पन्न होता है|

Posted on: Apr 13, 2019. Tags: BHAN SAHU CG CULTURE JAGDALPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER

नवरात्रि पर्व पर लोग नौ दिन तक पूजा पाठ और भजन करते हैं...

ग्राम-केसमा, ब्लाक-उदयपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से रमेश कुमार यादव नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं | वे बता रहे हैं| इन दिनों नौ दिन तक हमें अच्छे से रहना चाहिये| साफ़ सुथरा वातावरण रखना चाहिये| पूजा पाठ करना चाहिये| जिससे मन को शांति शांति मिले| और माता की कृपा बनी रहे सभी से अच्छा व्योहार करना चाहिये| इन दिनों नौ दिन तक लोग पूजा पाठ करते हैं, और भजन गाते हैं| दान करते हैं|

Posted on: Apr 12, 2019. Tags: CG CULTURE RAMESH KUMAR YADAV SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER

हम गांव के लोग नया फसल आने पर देवी देवताओं की पूजा और नाच गाकर नवा त्यौहार मानते हैं...

ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, थाना-चौबेटिया, विकासखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मानसिंह दुग्गा बता रहे हैं, उनके गांव में आदिवासियो का एक मुख्य त्योहार मनाया जाता है, जिसे नवा त्योहार कहते हैं, उस त्योहार में लोग गीत गाते हैं, नाचते हैं, देवी देवताओं की पूजा करते हैं, साथ ही जो फसल होती है उसको सबसे पहले अपने देवी देवताओं पर चढाते है, उसके बाद ही उपयोग करते हैं, यह त्यौहार में मुख्य रूप से नया खाने अर्थात जो नया फसल होता उसका पहला भोग अपने देवी देवताओं को देकर खाना है, यह त्यौहार वे अपने पूर्वजो के ज़माने से मनाते आ रहे है, इसमें वे प्रकृति के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं...

Posted on: Sep 13, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG CULTURE KANKER KOELIBEDA SONG VICTIMS REGISTER

किसान स्वर : अधिक फसल के लिए रासायनिक खाद का उपयोग करते है, पर स्वास्थ्य के लिए बुरा...

ग्राम-मरोड़ा, तहसील-पखांजुर, ब्लाक-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, (छत्तीसगढ़) से विष्णु राम बता रहे है कि उनके क्षेत्र में सबसे ज्यादा खेती धान और मक्का का किया जाता है जिसमे रासायनिक खाद का उपयोग किया जाता है जो पैदावार बढ़ाती है लेकिन उससे नुक्सान होता है, जैविक खाद से उगाया हुआ अनाज स्वादिष्ट और ताकतवर होता है | पूर्वज लोग बिना रासायनिक खाद के ही फसल उगाते थे और लम्बे समय तक जीवित रहते थे, लेकिन आज रासायनिक खाद का उपयोग करके उगाया हुआ फसल में स्वाद नही होता है और उसमे पौष्टिक आहार भी नही होता है, इसलिए सबसे ज्यादा गोबर खाद का उपयोग करना चाहिए पर अधिक फसल के लिए हम लोग रासायनिक खाद का उपयोग कर रहे हैं

Posted on: Sep 09, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI CG KANKER KISAN SWARA KOELIBEDA SONG VICTIMS REGISTER

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