हम गांव के लोग नया फसल आने पर देवी देवताओं की पूजा और नाच गाकर नवा त्यौहार मानते हैं...
ग्राम-जामकुटनी, पंचायत-बेलगाल, तहसील-पखांजूर, थाना-चौबेटिया, विकासखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मानसिंह दुग्गा बता रहे हैं, उनके गांव में आदिवासियो का एक मुख्य त्योहार मनाया जाता है, जिसे नवा त्योहार कहते हैं, उस त्योहार में लोग गीत गाते हैं, नाचते हैं, देवी देवताओं की पूजा करते हैं, साथ ही जो फसल होती है उसको सबसे पहले अपने देवी देवताओं पर चढाते है, उसके बाद ही उपयोग करते हैं, यह त्यौहार में मुख्य रूप से नया खाने अर्थात जो नया फसल होता उसका पहला भोग अपने देवी देवताओं को देकर खाना है, यह त्यौहार वे अपने पूर्वजो के ज़माने से मनाते आ रहे है, इसमें वे प्रकृति के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं...
