छत्तीसगढ़ के दुलरवा बेटा...छत्तीसगढ़ी गीत -
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
छत्तीसगढ़ के दुलरवा बेटा-
सोते उठ के करतन भूता काम गा-
सात किलो चावल मिलत है-
भूख में है परेशान गा-
शीशी दवाई के अतका रेट बढे है-
फसल के कीमत गल्लो नहीं पुरत है-
महंगाई बेरोजगारी कमर तोड़ दी-
मरन लगे किसान गा मरन लगे किसान गा-
कैसन मुख्या चुन डारे दीदी-
कैसन मुख्या चुन डारे भैया...
Posted on: Dec 16, 2017. Tags: AMIT SAHU SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : गले एवं मुंह के छालो का घरेलू उपचार -
भोरमदेव वन आंचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य अमित साहू मुहं में छाले पड़ जाते है और गले गर-गर लगता है आज उसके घरेलू इलाज के बारे में जानकारी दे रहे है वे बता रहे हैं कि एक लोटा कुन कुना गरम पानी में एक चम्मच नमक डालकर कुल्ला करके पानी को बाहर फेक दें, मुहं में छाला है तो फिटकरी ले लेवे छोटा सा और उसको चूसते रहने से गला के छाला, मुहं के छाला, जीभ के छाला को तत्काल दो दिन में राहत पहुंचाता है और टमाटर का जूस इसमें विटामिन c की मात्र कैल्शियम एकोलाईट की मात्रा रहता है टमाटर के जूस को एक कप ले उसमे दो चम्मच मिश्री मिलाकर छानकर उसे 5 दिन तक पीये इससे भी इस समस्या में बड़ी राहत मिलती है| अमित साहू@8964931287.
Posted on: Dec 16, 2017. Tags: AMIT SAHU SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
नोनीली वेया ली...गोंडी विवाह गीत
जिला-बीजापुर, छत्तीसगढ़ से सुनीता एमला एक गोंडी गीत सुना रही है यह गीत तब गया जाता है जब लड़का और लड़की को शादी के बाद कमरे में घुसाया जाता है:
नोनीली वेया ली – आले को को के लायो-
मेरे नोनी निमुदियाल-
मोको तानु को दिल को सुपाडा-
को को ली भईया ली-
मोनिली भईया ली...
Posted on: Dec 15, 2017. Tags: Bhan Sahu SONG VICTIMS REGISTER
ये अंत नहीं शुरुवात है, ये अंत नहीं शुरुवात है...कविता -
भोरमदेव वनआँचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक कविता सुना रहे है:
ये अंत नहीं शुरुवात है, ये अंत नहीं शुरुवात है-
अपने अधिकार को जानो तुम मोदी सरकार है-
छत्तीसगढ़ के जंगल जल जमीन बचाना है-
और घर-घर गैस सिलेंडर दिलाना है-
गाँव-गाँव में पक्की आवास बनाना है-
बकरी, गाय, मुर्गी में जुड़कर रोजगार को पाना है-
ये अंत नहीं शुरुवात है, ये अंत नहीं शुरुवात है...
Posted on: Dec 12, 2017. Tags: AMIT SAHU SONG VICTIMS REGISTER
प्रथम भक्ति संतन कर संगा : रामचरित मानस-
भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू रामचरित मानस की कुछ पंक्तियाँ सुना रहे हैं :
प्रथम भक्ति संतन कर संगा – दूसरी भक्ति मम कथा प्रसंगा – तीसरी भक्ति गुरु पद पंकज सेवा – चौथी भक्ति मन गुनकरई कपट तजि गान – पंचम भक्ति मंत्र जाप मम ड्री विश्वासा भजन सुवेध प्रकाशा – छथम भक्ति निरंतर सज्जन धर्मा...
