प्रथम भक्ति संतन कर संगा : रामचरित मानस-
भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू रामचरित मानस की कुछ पंक्तियाँ सुना रहे हैं :
प्रथम भक्ति संतन कर संगा – दूसरी भक्ति मम कथा प्रसंगा – तीसरी भक्ति गुरु पद पंकज सेवा – चौथी भक्ति मन गुनकरई कपट तजि गान – पंचम भक्ति मंत्र जाप मम ड्री विश्वासा भजन सुवेध प्रकाशा – छथम भक्ति निरंतर सज्जन धर्मा...
