हाय रे सरगुजा नाचे अलथी कलथी मादर बाजे...सरगुजिहा कर्मा गीत

ग्राम-अलका, पोस्ट-चलगली, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से सुरेश कुमार पोया एक सरगुजिहा कर्मा गीत सुना रहे है:
हाय रे सरगुजा नाचे अलथी कलथी मादर बाजे-
कौन गाँव के करम डार कहाँ के मंदरिया-
मानपुर के करम डार अलका के मंदरिया-
हाय रे सरगुजा नाचे अलथी कलथी मादर बाजे...

Posted on: Jun 18, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR POYA VICTIMS REGISTER

गिर गए आषाढ़ हमन जंगल जाबो यार...वर्षा गीत

जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक आषाढ़ गीत सुना रहे हैं:
गिर गए आषाढ़ हमन जंगल जाबो यार-
पुटू लोरब, कुकड़ी लोरब अउ लोरब सरुआ-
मिल जुल के संग सांथी जंगल ला घुमाब-
ऐदे गिरेहे आषाढ़ चला जंगल जाबो रे-
नवा नवा पुटू कुकड़ी जंगल मा मिलथे-
नवा-नवा सरु साग अच्छा वो ह लगथे जंगल मा जाबो-
देखे ला हरा भरा जंगल हमर करिया...

Posted on: Jun 18, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

येरे चिरईया बोली रे सजा के ड़ार में चीरईया बोली रे...गोंडवाना गीत

ग्राम-ढढ़ीया, ब्लाक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से महेश्वरी पोया एक गोंडवाना गीत सुना रहें हैं:
येरे चिरईया बोली रे सजा के ड़ार माँ चीरईया बोली रे-
धरती प्रथि चाँद सूरज रचेते नभ में तरिया हाय चीरईया बोली रे-
सात समुन्द्र सोल धराये पियन गन नदिया हाय चीरईया बोली रे-
येरे चिरईया बोली रे सजा के ड़ार में चीरईया बोली रे-
सात समुन्द्र सोल धराये पियन गन नदिया हाय चीरईया बोली रे-
येरे चिरईया बोली रे सजा के ड़ार में चीरईया बोली रे...

Posted on: Jun 16, 2018. Tags: MAHESHWARI POYA SONG VICTIMS REGISTER

घोडा नाचे हाथी नाचे नाचे सोन चिरैया...बाल कविता

ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक बाल कविता सुना रहे है:
घोडा नाचे हाथी नाचे नाचे सोन चिरैया-
किलक-किलक बंदर नाचे-
बालू ताकुर तैय्या-
टुमुक-टुमुक खरहा नाचे-
ऊंट मेमना गया...

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

हे मनुष्य के कमाई में है मूस्टा मन मोटाई ये समुझी लेहियाँ भाई...कर्मा गीत-

ग्राम-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक किसुन खेल कर्मा गीत सुना रहें हैं:
हे मनुष्य के कमाई में है मूस्टा मन मोटाई ये समुझी लेहियाँ भाई-
छोड्तहा पानी बरखा अउ छोड्तहा अस तस के कमाई समुझी लेहियाँ भाई-
छोड्तहा पानी बरखा अउ नहीं आई कइसे कइसे लईका ला जियाई-
धुमा-धुमा घाम करें बीमारी आई नहीं मिले पैसा रूपया कैसे ईलाज कराइ-
बोतल-बोतल दारू पिए दिन ला गवाई लईका बच्चा भूखे मरी जाई-
हे मनुष्य के कमाई मेहे मूस्टा मन मोटाई ये समुझी लेहियाँ भाई...

Posted on: Jun 03, 2018. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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