संटाके मगरी कोड़ा साईता के, संटा के कोना रे...गीत-
महात्मा गांधी चट्टी आश्रम, विकासखण्ड-चिंतूर, जिला-ईस्ट गोदावरी (आंध्रप्रदेश) से पूनम साकेत एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
संटाके मगरी कोड़ा साईता के-
संटा के कोना रे-
सरदा गे बे से बाई वडका-
संटाके मगरी कोड़ा साईता के-
संटा के कोना रे-
सरदा गे बे से बाई वडका...
Posted on: Apr 30, 2019. Tags: ANDHRA PRADESH KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
बुडगडा समता या सदमंना दादा का पुर का...गोंडी गीत-
महात्मा गांधी चट्टी आश्रम, विकासखण्ड-चिंतूर, जिला-ईस्ट गोदावरी (आंध्रप्रदेश) से पुर्रम सत्यनारायना एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
बुडगडा समता या सदमंना दादा का पुर का-
यकया कैबन पारा, पता गुन का यकया कैमन गारा-
रे रे लयो रेला, रेला रेला रेला रेला-
ए रम्भू सारा समता, सतामंना दा दादापुर का यकाया कैमंगारा-
बुडगडा समता या सदमंना दादा का पुर का-
यकया कैबन पारा, पता गुन का यकया कैमन गारा...
Posted on: Apr 30, 2019. Tags: ANDHRA PRADESH KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
हमारा जमीन छीनकर हमारा विकास कैसे...कहानी-
एक बड़ा गांव था| जो एक बड़ी आबादी वाला गांव था| गांव में चुनावी दौरे पर एक बड़ा नेता आने वाला था| उसके आने की तैयारी की गई| लोगो को पोस्टर, पम्पलेट के माध्यम से जानकारी दी गई| खाने और सुरक्षा की व्यवस्था की गई| नेता जी के आने से पूर्व चमचो द्वारा भाषण बाजी शुरू किया गया| नेता जी आये| उनके स्वागत में सभी खड़े हुये| फिर अपना स्थान ग्रहण किये| नेता जी ने अपने भाषण में तरह-तरह के प्रलोभन और वादे किये| भाषण ख़त्म होने के बाद, एक लड़का बोला 2 मिनट के लिये माईक मुझे दीजिये| मुझे कुछ कहना है| लडके ने कहा सब ठीक है| लेकिन फैक्ट्री के लिये भूमि कहां से लायेंगे| हमारा जमीन छीनकर पैसे वालो को दे दिया जायेगा| फिर हमारा विकास कहां से होगा| विकास तो कंपनी का होगा| आपके चमचो का होगा| कंपनी तो बाहर से कर्मचारी लायेंगे| जिससे काम अच्छा हो| हम बेरोजगार के साथ बेघर भी हो जायेंगे | नेता जी चले गये| फिर दोबारा कोई नेता वहां भाषण देने नहीं आया |
Posted on: Apr 30, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
बाड़ी में बैगन की हुई सगाई, मिर्च ने हरी साड़ी पहनकर आई...रचना-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक रचना सुना रहे हैं :
बाड़ी में बैगन की हुई सगाई-
मिर्च ने हरी साड़ी पहनकर आई-
दोनों में हुई खूब लड़ाई-
टमाटर ने झगड़ा मचाई-
आलू बना था दूल्हा, बरबटी झूल रही थी झूला-
गोभी का मुह फूला...
Posted on: Apr 29, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
उड़ी हवा, हवा के संग, गया गया जहां के पार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
उड़ी हवा, हवा के संग-
गया गया जहां के पार-
चार कंधो में अर्थी चली हो उसमे सवार-
चार मन काठ का घोडा सजा तैयार-
उड़ी हवा, हवा के संग गया जहां के पार...
