उड़ी हवा, हवा के संग, गया गया जहां के पार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
उड़ी हवा, हवा के संग-
गया गया जहां के पार-
चार कंधो में अर्थी चली हो उसमे सवार-
चार मन काठ का घोडा सजा तैयार-
उड़ी हवा, हवा के संग गया जहां के पार...
