इस समाज की क्या है मूरत, अनपढ़ हैं... शिक्षा पर कविता -

ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया से शिक्षा पर एक कविता सुना रहे हैं :
इस समाज की क्या है मूरत, अनपढ़ हैं-
माताएं-बहाने आखिर क्यों अनपढ़ हैं-
घर-घर में कर दो ऐलान-
लड़की-लड़का एक सामान-
इन पर कोई भी हमला न होने देंगे-
अपनी लोक कलाओं को न खोएंगे-
पढ़ा-लिखा जब होगा गावं-
तभी मिलेगा सुखी की छावं-
बच्चे हैं हिस्सा समाज का-
इनको भी आधार मिले-
शिक्षा का बल साथ अगर-
फिर आसान हर एक सफ़र है-
यही हम औरतों को हक़ मिलेगा-
एक जोर से दस टकों को परवाना खुलेगा-
इस समाज की क्या है मूरत अनपढ़ हैं...

Posted on: May 15, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

ये खवाहूँ रे बड़ादेव दोना-दोना महुआ लाटा...पारंपरिक गीत

ग्राम-टांकी, पोस्ट-मलगा, तहसील-कोतमा, जिला-अनूपपुर (म.प्र.) से नरेश सिंह छत्तीसगढ़ी भाषा में एक पारम्परिक गीत सुना रहे हैं :
ये खवाहूँ रे बड़ा देव दोना-दोना महुआ लाटा-
भक्ति मोर ले-ले शक्ति तोर दे-दे हाथों मैंहौं छाटा-
मादर,टिमकी,गोदमा बड़ादेव नगारा बजाहौं – झुमर-झुमर,उचट-उचट बड़ादेव नाचा दिखाहौं-
दिखाऊ रे बड़ादेव कोया कोय्तूरण के नाचा-
सुआ,करमा,ददरिया बड़ादेव रीना सुनाहौं-
सरसेट्टी,लहकी,उचट्टा बड़ादेव में गाना सुनाहौं – कोया मुरीद में बड़ादेव नावला जगा दे मोर-
ज्ञान-बुद्धि के पिटारा ले बड़ादेव मन्त्र ला दे-दे तोर-
ये बनाहूँ रे बड़ादेव कोया कोयांतूरण के गाथा-
ये खवाहूँ रे बड़ादेव दोना-दोना महुआ लाटा...

Posted on: May 14, 2017. Tags: NARESH SINGH SONG VICTIMS REGISTER

सुख का सूरज यहाँ नही ढलता है, जिन्दगी को सुकून यहाँ मिलता है...गीत -

ग्राम-गोविन्दपुर, पोस्ट-तेजपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अरविन्द कुमार यादव एक गीत सुना रहे है :
सुख का सूरज यहाँ नही ढलता है, जिन्दगी को सुकून यहाँ मिलता है-
माँ के आँचल की ठण्डी छाया है, पिता के प्यार का सर पे साया है-
थाम कर हाथ चलना सिखाया हमें, प्यार की थपकियों से सुलाया हमें-
यहाँ आसान नही चुकाना इनको हम पर, जो क़र्ज़ है-
माता पिता के चरणों में स्वर्ग है, माता-पिता के चरणों में स्वर्ग है...

Posted on: May 14, 2017. Tags: ARVIND KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER

नदियों से रेत उत्खनन पर रोक के बावजूद केन नदी में अवैध उत्खनन जारी, कार्यवाही की अपील...

ग्राम-सुनेहरा, पोस्ट-वीरा, तहसील-अजयगढ, जिला-पन्ना (मध्यप्रदेश) से साधु सिंह लोधी बता रहे है कि 11 मई को ग्राम वीरा के नदी के पुल के पास प्राइवेट कंपनी के ठेकेदोरो द्वारा केन नदी से रेत उत्खनन किया जा रहा था इसकी सूचना उन्होंने 100 डायल कर तुरंत दी लेकिन पुलिस के समय पर नही आने से खनन करने वाले ठेकेदार JCB व डम्पर, ट्रेक्टर लेकर भाग गए. जबकि नदियों से रेत उत्खनन पर रोक लगी हुई है, बावजूद इसके खनन हो रहा है, पूर्व में भी इसकी शिकायत की गई है लेकिन इस ओर कोई कड़ा क़दम नही उठाया गया है, इसीलिए सीजीनेट सुनने वाले श्रोताओं से अनुरोध है आप फ़ोन कर दबाव बनाए ताकि अवैध रेत खनन बन्द हो. ए.एस.पी.07732252106,कलेक्टर@07732252003. सिंह@8719095669.

Posted on: May 13, 2017. Tags: SADHU SINGH LODHI SONG VICTIMS REGISTER

जुल्मों के बंधन टूटेंगे, मकड़ी के जाले छूटेंगे...कविता

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है :
जुल्मों के बंधन टूटेंगे, मकड़ी के जाले छूटेंगे-
तू हाथों में ले ले किताब, सौ रस्ते इससे फूटेंगे-
आधा भारत नारी है, फिर भी क्या बेचारी है-
पढना और पढाना है, शिक्षित गाँव बनाना है-
जुल्मों के बंधन टूटेंगे, मकड़ी के जाले छूटेंगे...

Posted on: May 13, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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