पीड़ितों का रजिस्टर :सरकारी नौकरी और मकान दिलाने में मदद करें
ग्राम पड़लिया, पंचायत:कुतुल, थाना: कूकराझोड़ ,ब्लॉक:ओरछा,जिला: नारायणपुर,राज्य: छत्तीसगढ़ की मानूराम वरदा बता रहे है की अब वे वर्तमान में गुडरी पारा (नारायणपुर ) में रह रहे है।
मनुराम ने बताया कि उनके बड़े भाई नक्सलियों के साथ काम करते थे और उनके भाई के नारायणपुर आने के बाद उनके परिवार को भी नक्सलियों ने नारायण के पास भेज दिये। नक्सलियों ने उनके परिवार को परेशान किया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में उनके बड़े भाई ,भाभी , मां और रहनू वरदा (विकलांग) रह रहे हैं। पिता और बड़े भाई की मौत हो चुकी है। वे 2017-18 में नारायणपुर आए थे। उन्हें सरकार से कोई मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने सरकारी नौकरी और एक घर के लिए आवेदन किया और अभी तक नहीं मिला। उसने कहा कि अब वह अपने पुराने गांव जाएगा तो नक्सली उसे मार देंगे, इसलिए वह नहीं जाना चाहता। उन्होंने कहा कि अगर उनके गांव में सीआरपीएफ का कैंप लगता है तो वह जा सकेंगे। इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अनुरोध कर रहे है की अधिकारियो से बात करके सरकारी नौकरी और मकान दिलाने में मदद करें। संपर्क व्यक्ति संख्या:8305352951
Posted on: Feb 03, 2023. Tags: CG JOB MOIST NARAYANPUR ORCHHA REGISTER VICTIM
पीड़ितों का रजिस्टर: रहने के लिए घर दिलाने में मदद करे
ग्राम ताहलाडोड, पंचायत मेटानार, थाना सोनपुर, ब्लाक ओरछा जिला नारायणपुर छत्तीसगढ़ से बीजूराम नूरेटी, पिता लखनराम बता रहे हैं 2016 में शहर में आना-जाना करने से नक्सली लोग पुलिस मुखबिरी कहकर गांव में मीटिंग करते थे। पूरे गांव के लोगों के साथ मीटिंग किए और आधे लोग को नक्सली लोग बांध के रखे थे लगभग 1 सप्ताह तक नक्सली लोग के साथ रहे फिर गांव से भगा दिए। अभी गुडरी पारा नारायणपुर में किराए के घर में रहते हैं। वहां बहुत परेशानी हो रहा है पानी की परेशानी है और किराए के मकान में रहने से बहुत दिक्कत हो रही है। सरकार के तरफ से उन्हें आर्थिक सहायता नहीं मिला है। विलो पुराना गांव जाना चाहते हैं लेकिन वहां जाने से लोगों को जान से नक्सली लोग मार देते हैं। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@8688610439.
Posted on: Feb 01, 2023. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANPUR ORCHHA VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: रहने के लिए घर चाहिए .
ग्राम पंचायत कोहकामेटा, ब्लाक ओरछा, जिला नारायणपुर छत्तीसगढ़ सुखराम नूरेटी पिता बसुराम नूरेटी बता रहे हैं 2011 में उनके पिताजी को नक्सलियों ने हत्या कर दिए। फिर अपना गांव छोड़कर नक्सलियों के डर से अपनी जान बचाकर नारायणपुर शांति नगर आकर विस्थापित हुए। पिताजी के घटना के बाद आर्थिक सहायता ₹30000 मिला था। अभी झोपड़ी में रहते हैं उनका रहने को घर नहीं है। सरकार को आवेदन दिए हैं लेकिन अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला है। इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं। सरकार से बात करके घर दिलाने में मदद करें| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@9098060210.
Posted on: Feb 01, 2023. Tags: CG DISPLACED KILLED MAOIST VICTIM NARAYANPUR ORCHHA VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: सरकारी नौकरी और जमीन चाइए कृपया मदद करें
ग्राम: अलबेड़ा, ग्राम पंचायत: कुथुल, ब्लॉक: ओरछा, जिला: नारायणपुर, राज्य: छत्तीसगढ़ की संतोराम वरदा (पिता का नाम: जोगाराम वरदा) ने बताया है कि उनके चाचा और छोटे भाई को 2011 में नक्सलियों ने बुरी तरह पीटा था और उस गांव से उनको नक्सलाइयों ने निकल दिए।अब वह नारायणपुर के गुदरी पारा (शांतिनगर साइड) में रहते हैं। संतूराम ने कहा कि गुदरी पारा में कुछ लोगों को मुआवजे के तौर पर कुछ आर्थिक मदद मिली, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्हें रिपोर्ट का पेपर बाद में मिला, इसलिए उन्हें कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। संथुराम ने बताया कि नारायणपुर थाने में कई बार पुलिस को आवेदन देने पर भी उन्हें कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। उनके परिवार में पांच लोग रहते हैं।
संथुराम ने 5वीं तक पढ़ाई की है। उसने सरकारी नौकरी के लिए आवेदन भी किया है, लेकिन अभी तक नौकरी नहीं मिली है। उसने कहा कि वह अभी अपने गांव नहीं जा सकता, नक्सली डर पूरी तरह से निकल जाने के बाद वह अपने पुराने गांव जाएगा।
Posted on: Jan 30, 2023. Tags: CG DISPLACED JOB KILLED LAND MOIST NARAYANPUR ORCHHA REGISTER VICTIM
पीड़ितों का रजिस्टर :रहने के लिए घर चाईए कृपया मदद करें।
ग्राम:पदेडा, ग्राम पंचायत:पदेड़ा,जिला:बीजापुर,राज्य:छत्तीसगढ़ से योगेश्वरी पागलीकर(पति का नाम:लेट वेंकट राव पागलिकर) बता रही है की 2006 में बीजापुर में रहने के लिए आयी थी। 2006 में उनके पति (वेंकट राव) को नक्सलियों ने मार डाला था। इसलिए योगेश्वरी ने गांव छोड़कर बीजापुर आ गईं।अब वह अपने तीन बच्चों के साथ रह रही है।योगेश्वरी ने बताया कि उनका बड़ा बेटा 24 साल, लड़की 21 साल, छोटा बेटा 16 साल और सभी बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।योगेश्वरी ने कहा कि उन्हें मुआवजे के तौर पर एक लाख रुपये और सरकारी नौकरी दी गई।अब योगेश्वरी रहने के लिए घर चाहती हैं। आवास सुविधा के लिए आवेदन किया है लेकिन अभी तक आवास उपलब्ध नहीं कराया है।इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अनुरोध कर रहे हैं कि अधिकारियों से बात करउन्हें मकान उपलब्ध कराएं।
संपर्क व्यक्ति संख्या:—————————————————————————————————————————Yogeshwari Paglikar (Husband’s name: Late Venkat Rao Paglikar) from Village: Padeda, Gram Panchayat: Padeda, District: Bijapur, State: Chhattisgarh is telling that she came to live in Bijapur in 2006. In 2006, her husband (Venkat Rao) was killed by Naxalites. So Yogeshwari left the village and came to Bijapur. Now she is living with her three children. Yogeshwari told that her elder son is 24 years old, girl is 21 years old, younger son is 16 years old and all the children are studying. Yogeshwari said that She was given Rs 1 lakh as compensation and a government job. Now Yogeshwari wants a house to live in. Have applied for housing facility but haven’t been provided accommodation yet. That’s why they are requesting CGNET colleagues to talk to the authorities and provide them house.
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