पीड़ितों का रजिस्टर:सरकारी नौकरी दिलवाने में मदद करें

ग्राम:चिन्नारी,पंचायत:चिन्नरी,थाना:जारा घाटी ,जिला: नारायणपुर,राज्य: छत्तीसगढ़ की बिरसा पोतायी (पिता जी का नाम: गुत्सान) बता रहे है की वे 2014 में नारायणपुर आए थे। उन्होंने कहा कि उनके छोटे भाई को नक्सलियों ने मार डाला। बिरसा पोथाई ने कहा कि जब बिरसा पोथाई काम कर रहे थे तो पुलिस ने उन्हें लाकर 4 महीने तक थाने में रखा, जिसके चलते उनके छोटे भाई को नक्सलियों ने मार डाला।इसलिए वे नारायणपुर आ गए। उन्हें मुआवजे के तौर पर 5 लाख रुपये मिले। सरकारी नौकरी नहीं मिलती। बिरसा पोथाई ने 8वीं तक पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में कुल चार छोटी बहनें, मां और वह खुद हैं। बिरसा के पिता की मृत्यु हो गई। उनके पास राशन कार्ड है। बस पास के लिए आवेदन किया लेकिन अभी तक बस पास नहीं मिला। बिरसा पोथाई ने कहा कि उन्हें सरकार से घर की जमीन मिली और उसी जमीन पर अपना घर बनाया। उन्होंने कहा कि उनके चाचा के बेटे को दो महीने पहले नक्सलियों ने मार डाले थे इसलिए वे अपने पुराने गांव नहीं जाना चाहता था। उन्होंने कहा कि नक्सलियों का अभी भी डर है और इसलिए वे अपने पुराने गांव नहीं जाना चाहते हैं। बिरसा पोताई अपने परिवार का समर्थन करने के लिए सरकारी नौकरी करना चाहता है, इसलिए बिरसा पोटाई सिगिनेट के सहयोगियों से अनुरोध कर रहा है की अधिकारियों से बात करके उसे सरकारी नौकरी दिलवाने में मदद करें।

संपर्क व्यक्ति नंबर:9301409699.

Posted on: Feb 03, 2023. Tags: CG JOB KILLED MOIST NARAYANPUR ORCHHA REGISTER VICTIM

पीड़ितों का रजिस्टर :सरकारी नौकरी और मकान दिलाने में मदद करें

ग्राम पड़लिया, पंचायत:कुतुल, थाना: कूकराझोड़ ,ब्लॉक:ओरछा,जिला: नारायणपुर,राज्य: छत्तीसगढ़ की मानूराम वरदा बता रहे है की अब वे वर्तमान में गुडरी पारा (नारायणपुर ) में रह रहे है।
मनुराम ने बताया कि उनके बड़े भाई नक्सलियों के साथ काम करते थे और उनके भाई के नारायणपुर आने के बाद उनके परिवार को भी नक्सलियों ने नारायण के पास भेज दिये। नक्सलियों ने उनके परिवार को परेशान किया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में उनके बड़े भाई ,भाभी , मां और रहनू वरदा (विकलांग) रह रहे हैं। पिता और बड़े भाई की मौत हो चुकी है। वे 2017-18 में नारायणपुर आए थे। उन्हें सरकार से कोई मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने सरकारी नौकरी और एक घर के लिए आवेदन किया और अभी तक नहीं मिला। उसने कहा कि अब वह अपने पुराने गांव जाएगा तो नक्सली उसे मार देंगे, इसलिए वह नहीं जाना चाहता। उन्होंने कहा कि अगर उनके गांव में सीआरपीएफ का कैंप लगता है तो वह जा सकेंगे। इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अनुरोध कर रहे है की अधिकारियो से बात करके सरकारी नौकरी और मकान दिलाने में मदद करें। संपर्क व्यक्ति संख्या:8305352951

Posted on: Feb 03, 2023. Tags: CG JOB MOIST NARAYANPUR ORCHHA REGISTER VICTIM

पीड़ितों का रजिस्टर: रहने के लिए घर दिलाने में मदद करे

ग्राम ताहलाडोड, पंचायत मेटानार, थाना सोनपुर, ब्लाक ओरछा जिला नारायणपुर छत्तीसगढ़ से बीजूराम नूरेटी, पिता लखनराम बता रहे हैं 2016 में शहर में आना-जाना करने से नक्सली लोग पुलिस मुखबिरी कहकर गांव में मीटिंग करते थे। पूरे गांव के लोगों के साथ मीटिंग किए और आधे लोग को नक्सली लोग बांध के रखे थे लगभग 1 सप्ताह तक नक्सली लोग के साथ रहे फिर गांव से भगा दिए। अभी गुडरी पारा नारायणपुर में किराए के घर में रहते हैं। वहां बहुत परेशानी हो रहा है पानी की परेशानी है और किराए के मकान में रहने से बहुत दिक्कत हो रही है। सरकार के तरफ से उन्हें आर्थिक सहायता नहीं मिला है। विलो पुराना गांव जाना चाहते हैं लेकिन वहां जाने से लोगों को जान से नक्सली लोग मार देते हैं। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@8688610439.

Posted on: Feb 01, 2023. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANPUR ORCHHA VICTIM REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर: रहने के लिए घर चाहिए .

ग्राम पंचायत कोहकामेटा, ब्लाक ओरछा, जिला नारायणपुर छत्तीसगढ़ सुखराम नूरेटी पिता बसुराम नूरेटी बता रहे हैं 2011 में उनके पिताजी को नक्सलियों ने हत्या कर दिए। फिर अपना गांव छोड़कर नक्सलियों के डर से अपनी जान बचाकर नारायणपुर शांति नगर आकर विस्थापित हुए। पिताजी के घटना के बाद आर्थिक सहायता ₹30000 मिला था। अभी झोपड़ी में रहते हैं उनका रहने को घर नहीं है। सरकार को आवेदन दिए हैं लेकिन अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला है। इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं। सरकार से बात करके घर दिलाने में मदद करें| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@9098060210.

Posted on: Feb 01, 2023. Tags: CG DISPLACED KILLED MAOIST VICTIM NARAYANPUR ORCHHA VICTIM REGISTER

पीड़ितों का रजिस्टर: नौकरी एवम् आर्थिक मदद चाहिए

ग्राम पंचायत गुमेटर, जिला बीजापुर जिला छत्तीसगढ़ वर्तमान पता गुडरी पारा जिला नारायणपुर छत्तीसगढ़ से सोनुराम दररो पिता सुकता राम दररो, बता रहे हैं 2018 में उनको नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी कह कर मारपीट किए थे। उनके जीजा जी ने पुलिस नौकरी करते हैं। फिर उन्होंने अपना पुराना गांव छोड़कर नक्सलियों के मार के डर से अपना जान बचा कर नारायणपुर छत्तीसगढ़ में आ गए। सरकार के तरफ से आर्थिक सहायता नहीं मिला है। उसका कहना है कि नौकरी मिलना चाहिए । अभी भी लोग पुराने गांव में भी नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि अभी भी नक्सलियों का डर है कैंप लग जाने से पुराना गांव जाकर अपना खेती बड़ी कर पाएंगे। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@9301744320.

Posted on: Feb 01, 2023. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANPUR REGISTER VICTIM

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