सुख गये है नदी नाला सुख गये तालवा पोखरी प्यासी हर मोला लागे...गीत
ग्राम-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गीत सुना रहे है:
हैय रे हाय प्यासी हर मोला लागे-
कैसे के टोरब तेंदू पान प्यासी हर मोला लागे-
घुटरा पतेरा देखा पखना गरम मारे प्यासी हर मोला लागे-
सुख गये है नदी नाला सुख गये तालवा पोखरी प्यासी हर मोला लागे-
बोतल के पानी हर गरम होई जाय प्यासी हर मोला लागे-
घुटरा पतेरा में साथी चढ़ावे रे प्यासी हर मोला लागे...
Posted on: May 28, 2019. Tags: CG KAILASHSINGH POYA PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
आलसी कर दिना आवे गर्मी मा अकर बकर जीवा लागे...गीत
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक गीत सुना रहे हैं :
जंगल झाड़ी हरा भरा सुग्घर लागे-
सब हमन घरे जाबो-
आलसी कर दिना आवे गर्मी मा अकर बकर जीवा लागे-
गुइया रे अब हमन घरे जाबो-
रेंगल साथी गुइया रे अब हमन घरे जाबो...
Posted on: May 26, 2019. Tags: CG KAILASH POYA PRATAPPUR SINGH SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
गाना हर हरा-भरा सुग्गर लागे संगी रे, दिनक राते पानी पहटे...गीत
ग्राम-देवरी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गीत सुना रहे हैं:
गाना हर हरा-भरा सुग्गर लागे संगी रे-
दिनक राते पानी पहटे-
गाना कुशियार हर हरा-भरा सुग्गर लागे संगी रे-
गोरी रे दिनक राते पानी पहटे-
राती-राती हाथी झुण्डत-झुण्डत करे परीशान-
साथी रे हरा-भरा सुग्गर लागे संगी र...
Posted on: May 26, 2019. Tags: CG KAILASH POYA PRATAPPUR SINGH SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
सुखी तो गये नदी ढोढी रे सुखी गये फुलवार नही मिलय कंचा पान्हर...कविता
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहा है:
एदे होरी हो धूमा-धूमा करे घाम-
अकाबक छूटाथे परान हा-
सुखी तो गये नदी ढोढी रे-
सुखी गये फुलवार नही मिलय कंचा पान्हर...
Posted on: May 25, 2019. Tags: CG KAILASHSINGH POYA PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
लेके थपी-थपी झोला-झोला पैसा, आके हमर देश में करे जैसा मन तैसा...गीत
नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक गीत सुना रहे हैं:
जागव रे जागव रे जागव रे जागव-
बांधव रे बांधव रे बांधव रे बांधव-
बांधव भई सुमत के बंधना-
और ये विदेशी मन ले अपन देश ला बचाना-
लेके थपी-थपी झोला-झोला पैसा-
आके हमर देश में करे जैसा मन तैसा...
