सुखी तो गये नदी ढोढी रे सुखी गये फुलवार नही मिलय कंचा पान्हर...कविता
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहा है:
एदे होरी हो धूमा-धूमा करे घाम-
अकाबक छूटाथे परान हा-
सुखी तो गये नदी ढोढी रे-
सुखी गये फुलवार नही मिलय कंचा पान्हर...
