ऊँची पहाड़ ऊँचा पेड़ नहीं वहां कोई माली...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ऊँची पहाड़ ऊँचा पेड़ नहीं वहां कोई माली-
कुदरत उनकी रक्षा करे शेर भालू करे रखवाली-
फल फूल डेटा हमको लकड़ी भी भारी भारी-
हमारा वो सब शुभ चिंतक हैं नहीं चलाना उन पर आरी-
वे वर्षा करवाते हैं बादलों को बुलाकर-
वे जीवन बचाते हैं शुद्ध वायू हमें देकर...
Posted on: Apr 11, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
दाई दादा जैसे कुकुर काकर...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
दाई दादा जैसे कुकुर काकर-
सास ससुर दूध दही खाथे-
दाई दादा बर खोरो खटिया-
ओकर बर पलंग बिछाथे-
दाई दादा जैसे कुकुर काकर-
ये ओकय चुचुवाथे
Posted on: Apr 09, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
आम महुआ तेंदू चार, सारे छोड़ गये मझधार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
आम महुआ तेंदू चार, सारे छोड़ गये मझधार-
ऊपर वाले करे बेड़ा पार-
घर में लटकती लम्बी तलवा-
महामारी कोरोना झकझोरा-
जो भी आग था थोड़ा मोड़ा-
दो राहों में ला के क्या खड़ा...
Posted on: Apr 08, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
आई ऋतू राज बसंत वन उपवन में...गीत-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
आई ऋतू राज बसंत वन उपवन में-
वन उपवन में लाली की बौछार-
वन उपवन झूम उठे मानो आई-
दिवाली की त्यौहार-
कोयल कूक उठी जहूंर-
बौर फूल से लदी डालियाँ...
Posted on: Apr 07, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
चूरी काजर फुंदरा दाई के गवां गये लुगरा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
चूरी काजर फुंदरा दाई के गवां गये लुगरा-
आनी बानी के तरीका तेल्डिंग के साड़ी आगे-
ओदी मोड़ी लुगरा-
हांथ मा घड़ी मूड मा मूड सीखरी-
बिन टे झिन सुरता-
मटक मटक के रेंगे भौजी-
जईथे अलटा पलटा...
