आम महुआ तेंदू चार, सारे छोड़ गये मझधार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
आम महुआ तेंदू चार, सारे छोड़ गये मझधार-
ऊपर वाले करे बेड़ा पार-
घर में लटकती लम्बी तलवा-
महामारी कोरोना झकझोरा-
जो भी आग था थोड़ा मोड़ा-
दो राहों में ला के क्या खड़ा...
