Today's News from newspapers in Gondi : 16th Oct 2016 -

आदिवासी को स्टे मिलने के बाद भी दबंग कर रहे निर्माण-
“जल-जंगल -जमीन के लिए एकजुट हों आदिवासी” – दिल्ली में होगा आदिवासी महोत्सव – बस्तर बटालियन में सिर्फ आदिवासी- “पूरे समाज को खत्म करने की साजिश” -

Posted on: Oct 16, 2016. Tags: NEWS SUMANLATA ACHLA

हाय हाय हमरे ई दुरबा पर ठूठ रे बिरिछिया...मुहर्रम गीत

विजयादशमी और मुहर्रम का कैसा अदभुत संयोग । एक शक्ति की अराधना का महापर्व ।दानवत्व पर देवत्व की विजय का प्रतीक और दूसरा अन्याय और अत्याचार के खिँलाफ लडते हुए दो महापुरुषों की शहादत की याद दिँलाने वाला । दोनो का उद्देश्य मगर एक । पर कहां हुई दानवत्व पर देवत्व की विजय,कहां हुआ अत्याचारियों का अंत ? आईए मुहर्रम के अवसर पर इन्ही कुछ सवालों से रूबरू कराता यह मर्सिया गायें और सोचें कि इस स्थिति से उबरने मे हमारा कोई फर्ज नही बनता क्या ?
हाय हाय हमरे ई दुरबा पर ठूठ रे बिरिछिया-
नाहि फूल फल के आसे जी-
ए पर वास करे भूत रे परेतबा-
हड्डिया चबाए खाए मासे जी-
हाय हाय हमरा न बंगला न महल अटरिया उस्सरे-खासर चासे बासे जी-
परती—परतबा न छोडले मुद्द ईया-
ग ईया बिसूके बिना घासे जी-
हाय हाय बडका के घडबा समुन्दर पनिया-
छोटका जे मरे हय पियासे जी-
नाहि मिले रोजी-रोजगार नोकरिया-
घरे घर लोग स निराशे जी-
हाय हाय चानी काटे नेतबा बनिक ठिकदरबा-
ग्रहण लागल हय विकासे जी-
काटेला कुल्हरबा ई गछिआ बिरिछिया-
बेंट लागल जब बांसे जी-
हाय हाय चुप देख कोईली सुगनमा मयनमा-
उलुआ स बनल देख व्यासे जी-
दु:शासन द्रौपदी के रोजे लंगटियाबे-
शकुनी करे अट्टहासे जी...

Posted on: Oct 12, 2016. Tags: Sunil Kumar

जिला सुंदरगढ़, (ओड़िसा) शंकनदी किनारें हुए बैठक के बारे में बता रहा हैं....

ग्राम लक्ष्मीपुर, ब्लाक राजधामपुर, जिला सुंदरगढ़ (ओड़िसा) से सुनील एक्का जिला सुंदरगढ़ शंकनदी किनारें हुए बैठक के बारे में बता रहा हैं |सहीद सुशील लकड़ा स्मृति दिवस, जिसकों 2008 में कंपनी सिक्यूरिटी गार्ड ने गोली थी | उसी में प्रति वर्ष दिसंबर माह को फुटबाल प्रतियोगिता किया है | धन्यवाद...

Posted on: Oct 08, 2016. Tags: SONG SUNIL AKKA VICTIMS REGISTER

मइया के मांगो टीका शोभे बचवा बड़ा नीक लागे...देवी गीत

अनीता कुमारी एक देवी गीत सुना रही है:
भवानी गोर बिछिया झुनुर झुनुर बाजे-
मइया के मांगो टीका शोभे बचवा बड़ा नीक लागे-
मइया के कानो में झुमका शोभे झुलनी बड़ा नीक लागे-
मइया के नाको में नथिया शोभे बिंदिया बड़ा नीक लागे-
मइया के लाली चुनरी शोभे चुड़िया बड़ा नीक लागे-
मइया के पांव में पायल शोभे झुनकी बड़ा नीक लागे-
भवानी गोर बिछिया...

Posted on: Oct 04, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

एकता की कहानी: एक साथ रहने से कठिन से कठिन काम भी आसान हो जाते हैं

बहुत समय पहले की बात हैं एक मुहल्ले में रामकली और रूक्मिणी दो बहनें रहा करती थी .छोटी होने के बावजूद दोनों बहने समझदार और होशियार थी. एक बार की बात हैं एक सप्ताह तक लगातार मूसलाधार वर्षा होने के कारण जो ग्रामीण मुहल्ले मे जलावन के लिए लकड़ी लाया करते थे नहीं ला पाये जिस कारण घर में खाना बनाने के लिए जलावन समाप्त हो गये . रामकली की माँ ने रामकली के पापा से कहा घर के सारे जलावन समाप्त हो गये हैं अब खाना कैसे बनेगा ? रामलाल जी ने कहा की ठहरो में पास के गांव से जलावन लेकर आता हूं .रामलाल जी को जाने के बहुत देर बाद खाना बनने का इंतजार करते करते रक्मिणी और रामकली भी घुमने चली गई .घुमते घुमते वह रामबाग पहुंच गई .रामबाग मे रूक्मिणी और रामकली अपने आम के बगीचा में अक्सर खेलने जाया करते थे. दोनों बहनो ने देखा की बग़ीचा में आम की मोटी सुखी डाली आँधी के कारण गिरी हुई हैं दोनों बहनो ने सोचा की इसे उठा कर घर ले के चलते हैं परंतु दोनों बहन से
आम की डाली उठ नहीं पाई .रक्मिणी ने देखा कि बहुत सारी चीटियां एक मरे हुए मोटे लकड़ी के कीड़े को उठा कर ले जा रही थी .ऐसे में कभी-कभी बहुत सारी चीटियां दब भी जाया करती थी फिर दुसरी बहुत सारी चीटियां मरे हुए मोटे कीड़े को धक्का मार मार के अपनी चीटियों को बचाया करती थी .रूक्मिणी ने सोचा की हमारे दोस्त आ जाये तो आसानी से आम की सूखी मोटी डाली को घर ले जाया जा सकता हैं. फिर दोनों बहने ने सोचा की हम दोनों बहने यहाँ से अपने घर जायेंगे तो कोई दुसरे इस सूखी आम की डाली ले जा सकते हैं .रूक्मिणी ने रामकली को बगीचा में बिठाकर अपनेदोस्तों को बुलाने चली गई .सारे दोस्त बग़ीचा में आकर आम की सूखी मोटी
डाली को ले आए .इसे देखकर रूक्मिणी और रामलाल के पिता रामलाल बहुत खुश हुए .रामलाल जी ने सभी बच्चों को कठपुतली का खेल दिखाया और कठपुतली के माध्यम से बताया बच्चों मेल में बहुत बल हैं .कठिन से कठिन काम भी  हम मिलजुलकर आसानी से कर सकते हैं .मिलकर रहनेसे कोई हानी भी नहीं पहुँचाता साथ ही आपस में मिलकर रहने से मन भी प्रसन्न रहता हैं.

Posted on: Oct 04, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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