अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली...आरती-

जिला-उमरिया (मध्यप्रदेश) से मुकेश केवट एक आरती गीत सुना रहे हैं:
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली-
जय दुर्गे खप्पर वाली-
तेरे ही गुण गावें भारती-
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती-
तेरे भक्त जनो पर माता-
भीड़ पड़ी है भारी, दानव दल पर टूट पड़ो माँ करके सिंह सवारी...(AR)

Posted on: Apr 27, 2021. Tags: MP MUKESH KEWAT SONG UMARIA

अहंकार...कहानी

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कहानी सुना रहे हैं:
दो हष्ट फुष्ट बैल बुमरिन सामान की बैलगाड़ी खींच रहे थे
दोनों बैलो के बीच एक कुत्ता भी चल रहा था उसका अहंकार की गाड़ी बैल नही मै खींच रहा हूँ चाल में उसकी सोंच साफ साफ झलक रही थी|
गाड़ीवान ने अपनी चाबुक बैलो को मारने की वजह कुत्ते को मारी
मार पड़ते ही कुत्ता वहां से दुम दबाकर भागा
और उसे अहसास हो गया की असल में गाड़ी बैल खींच रहे थे उसका अहंकार मिट चुका था झूठ के साथ पहले अहंकार पनपता है पर सच के सामने आते ही छड भर में चूर चूर हो जाता है |

Posted on: Apr 26, 2021. Tags: BARWANI MP STORY SURESH KUMAR

वाणी बदलो...कहानी-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कहानी सुना रहे हैं:
एक कोयल आम के पेंड पर बैठी थी
एक कौआ तेज रफ्तार से उड़ कर जा रहा था
कोयल ने पूछा भैया कहाँ भागे जा रहे हो
कौआ बोला बहन इस देश को छोड़ कर विदेश जा रहा हूँ
क्यूंकि यहाँ मेरा सम्मान नही है जहाँ पर बैठता हूँ वहीं से उडा दिया जाता हूँ...(AR)

Posted on: Apr 25, 2021. Tags: BARWANI MP STORY SURESH KUMAR

तोर बर ये दवना माया लागे न...छत्तीसगढ़ी गीत-

जिला-उमरिया (मध्यप्रदेश) से मुकेश कुमार केवट एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
मै तो दिल तोला दे दे तों-
तहूँ दिल मोला दे देना-
तोर बर ये दवना माया लागे न-
कब में मोला येकेल्ला मा-
मन के बात बताहूँ ओ-
गांजा पी पीके रंग मा आपन रानी तोला बनाहूँ ओ...(AR)

Posted on: Apr 25, 2021. Tags: CG SONG MP MUKESH KEWAT UMARIA

जीवन पथ पर चलना हमको शिक्षक हैं बताते...कविता-

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार कविता सुना रहे हैं:
जीवन पथ पर चलना हमको शिक्षक हैं बताते-
न्याय और अन्याय का मतलब शिक्षक ये समझाते हैं-
बालक जैसी गिली मिट्टी शिक्षक कुमार बन जाते हैं-
एक के न्याय पे चाक को रखकर सुंदर कलम बन जाते हैं-
जग में शिक्षक न होते तो सोंचो फिर क्या होता-
पड़ी ही रहती बंजर भूमि बीज फिर कौन बोता...(AR)

Posted on: Apr 25, 2021. Tags: BARWANI MP POEM SURESH KUMAR

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