अहंकार...कहानी

बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कहानी सुना रहे हैं:
दो हष्ट फुष्ट बैल बुमरिन सामान की बैलगाड़ी खींच रहे थे
दोनों बैलो के बीच एक कुत्ता भी चल रहा था उसका अहंकार की गाड़ी बैल नही मै खींच रहा हूँ चाल में उसकी सोंच साफ साफ झलक रही थी|
गाड़ीवान ने अपनी चाबुक बैलो को मारने की वजह कुत्ते को मारी
मार पड़ते ही कुत्ता वहां से दुम दबाकर भागा
और उसे अहसास हो गया की असल में गाड़ी बैल खींच रहे थे उसका अहंकार मिट चुका था झूठ के साथ पहले अहंकार पनपता है पर सच के सामने आते ही छड भर में चूर चूर हो जाता है |

Posted on: Apr 26, 2021. Tags: BARWANI MP STORY SURESH KUMAR