हो पिया भगे डुमरा का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे...पारम्परिक गीत
ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बोल रहे हैं कि आजकल लड़के बच्चे माता-पिता को दाई-दाऊ नहीं बोलते और सुन-सुन के मम्मी-पापा बोलते हैं जो कि पारम्परिक नाम नहीं है जिससे वे दुखी हैं और इसी बात पर फूलों पर उनके किये एक गीत सुनाना चाहते हैं जिससे वे अपने रीति रिवाज के बारे में सीख सकें:
हो पिया भगे डुमरा का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे-
अँधा ला दाल भात गीवा डरा काल फूले दो काहेक बैठे-
पिया भगे डुमरी का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे
रान्दला दाल भात गीवा डरा का...
Posted on: Nov 08, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
पिया बड़े बइमान खुदसी-खुद्सी जिव ला लेहे रे...फागुन गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़, से कैलाश सिंह पोया एक परम्परा होली का गीत सुना रहे हैं:
पिया बड़े बइमान खुदसी-खुद्सी जिव ला लेहे रे-
कहाँ छोड़े खंडा मछरी ला कहां हो-
कहां किसान, खुद्सी खुद्सी जिव ला लेहे-
पीया बहर बइमान खुद्सी-खुद्सी जिव ला लेहे-
कहां छोड़े खंडा मछरी कहाँ जग छोड़े कोरा बालक-
पीया बड़े बइमान खुद्सी-खुद्सी जिव ला लेहे...
Posted on: Nov 03, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
दीपा जला गय रे ऐ-दीवाली के दीप जला गये रे...दीपावली गीत
ग्राम देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला- सूरजपुर, राज्य छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह बता रहे हैं उनके यहाँ दीपावली में लोग सामूहिक रूप से दीप जलाते हैं जहां आसपास के गाँव के लोग आते हैं सब मिल जुल कर के दीप जलाते हैं और आस पास के जगहों में सब गाँव के लोग भ्रमण करते हैं, वे उसी पर आधारित एक गीत गा रहे हैं :
दीपा जला गय रे ऐ-दीवाली के दीप जला गये रे-
दीप जल ला गय रे ऐ-दीप जल ला गय रे ऐ-
दिवाली के दीप जला गये रे-
की मुड मा कलशा, कलशा में पानी-
दीप जला गय रे ऐ, कलशा के ऊपर दीपा जला गये रे...
Posted on: Nov 01, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में ३ नवम्बर को कोरिया छत्तीसगढ़ में धरना में शामिल होने का
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, राज्य छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया बता रहे हैं कि कोरिया जिला में सभी आदिवासी लोग 03/11/2016 को धरना प्रदर्शन करने वाले है, इसकी जानकारी वे सभी को दे रहे हैं कि सभी आदिवासी जितना अधिक से अधिक संख्या में वहां पहुचे माननीय नरेन्द्र मोदी जी को ज्ञापन देने के लिये |इसमें उनकी मुख्य मुद्दा आदिवासियों के साथ हो रहे अत्याचार का विरोध करना, आदिवादियों पर जो जुल्म हो रहे हैं वो ना हो, उनको समानता का अधिकार मिले, तो इस धरनाप्रदर्शन में अधिक से अधिक लोग आके इस योजना को सफल बनाने में मदद करें | इस प्रदर्शन में यह मांग किया जाएगा कि आदिवासी, अल्पसंख्यक और पिछड़े लोगों को भी विकास का बराबर लाभ मिले । कैलाश सिंह पोया@9575922217
Posted on: Nov 01, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
ये भई किहुल-किहुल बजे बांसुरी, अब चला जाए राम गली रे....
ग्राम देवरी, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक गीत सुना रहे हैं-
ये भई किहुल-किहुल बजे बांसुरी, अब दला जाए राम के गली रे-
का करा डेरा डम्फा बाजेला, पिहा बाजा रे ककर बेंड बांसुरी-
अब चला जाए घला राम के गली-
ये भई किहुल-किहुल बजे बांसुरी, अब चला जाए राम गली रे...
