हो पिया भगे डुमरा का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे...पारम्परिक गीत
ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बोल रहे हैं कि आजकल लड़के बच्चे माता-पिता को दाई-दाऊ नहीं बोलते और सुन-सुन के मम्मी-पापा बोलते हैं जो कि पारम्परिक नाम नहीं है जिससे वे दुखी हैं और इसी बात पर फूलों पर उनके किये एक गीत सुनाना चाहते हैं जिससे वे अपने रीति रिवाज के बारे में सीख सकें:
हो पिया भगे डुमरा का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे-
अँधा ला दाल भात गीवा डरा काल फूले दो काहेक बैठे-
पिया भगे डुमरी का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे
रान्दला दाल भात गीवा डरा का...
