Forest Right: Gram Sabha shd decide land ownership issues
More than 300 people from a rally organized by Bundelkhand Majdoor Kisan Shakti Sangathan, Damoh MP to submit a memorandum demanding review of land claims rejected by the government.Under the Forest Right act 2006, about 10000 claims were made but more than 4000 were rejected. Less than 600 claims were actually awarded. With thousands in distress, people demand a government order to start a campaign of re submitting the claims and visiting the site for certifying the claims, accepting the evidence of the senior residents and the gram sabha as the final authority. For more Raj Kumar Sharma can be contacted at 9754151600
Posted on: Mar 18, 2012. Tags: FOREST LAND RAJKUMAR SHARMA
मैं उस सभ्यता का वंशज हूं जिसके मुहाने औरत की जली हुई लाश है
मैं उस सभ्यता का वंशज हूं
जिसके मुहाने पर एक औरत की जली हुई लाश है
जो मोहनजोदडो के तालाब की आखरी सीढ़ी पर पडी है
और जो सभ्यता
एक औरत की योनी मे पत्थर भरने
को राष्ट्रीय गौरव मानती है
मेरी सभ्यता की सारी पवित्र ऋचाओं
का जन्म अनार्य असुरों
के वध के उल्लास के क्षणों मे हुआ
मेरा धर्म युद्ध का धर्म है
मेरा धर्मघोष ही जय है
जय हो जय हो जय हो
मेरा धर्मघोष अगणित शत्रुओं के
शवों के बीच से उठा है
युद्ध मे जय
शत्रु की मृत्यु से उपजी जय मेरा धर्म वाक्य है
मेरा ईश्वर
स्वर्ण मंडित
शस्त्रधारी
विजेता
वधकर्ता
मेरी सभ्यता मे
शूद्र – श्रमिक
धनिक – श्रेष्ठ
वसुंधरा वीर भोग्या है
और वीरता
शत्रु के वध से निश्चित होती है
हम
स्वर्ण प्रिय
भोग प्रिय
वध प्रिय
मैं वहाँ से बोल रहा हूं जहां
एक आदिवासी माँ की हत्या करने के बाद
उसके डेढ़ साल के बच्चे का हाथ काटने के बाद
हमारी सेनाए विजय उत्सव मनाती हैं
और हमारे शासक
उन सेनाओं को पुरस्कृत करते हैं
और हम
अपनी सेनाओ पर गर्व करते हैं
हम लुटेरों पर गर्व करते हैं
हम हत्यारों पर गर्व करते हैं
हम शील हर्ताओं पर गर्व करते हैं
हम इन पर गर्व करने वाली अपनी
संस्कृति पर गर्व करते हैं
जय हो जय हो जय हो
हमारी जय हो – हिमाँशु कुमार
Posted on: Mar 09, 2012. Tags: Himanshu Kumar
Jharkhand Visthapit Berojgar Morcha will intensify agitation
Rajkumar from Jharkhand Visthapit Berojgar Morcha ( Association of displaced unemployed) has decided to intensify their agitation the Power plant in Dhanbad. He says the authorities had did an agreement with us last year but that remains to be implemented and if it continues the same way post Holi they will work on closing the factory. For more Rajkumar ji can be reached at 09661156574
Posted on: Mar 06, 2012. Tags: Rajkumar
Why was Jharkhand created, asks a displaced person...
Rajkumar from Jharkhand Visthapit Berojgar Morcha ( Committee of diplaced unemployeds) in Dhanbad asks why was the state created. He says we gave our land but got no compensation and jobs. When we did strike cases were put against us. No one has time to listen to us. We have decided that we will not give any land to companies and we will throw out existing companies as Mamta Banerjee did in Singur. For more Rajkumar Ji can be reached at 09661156574
Posted on: Mar 01, 2012. Tags: Rajkumar
आतंकवादी...एक कविता
वे रात के अँधेरे में आये , मुझे ले गये
और बंद किया किसी कमरे के अँधेरे में
और कई दिनों तक पूछते रहे सवाल
जिक्र किया किसी बिस्फोट का
और मेरी हड्डियों में तलाशा अपनी बेंत से कोई सुराग
उन्हें लगा कि मेरे सीने में पल रही है कोई साजिश
तो नंगा किया मुझे
मेरा शरीर जीता जागता सबूत बना सत्ता के कारनामों का
पर अदालतें उनकी थी, गुनाहगार मैं ही ठहरा
जिरह हुई, पर मैं नहीं था चर्चा में
नेशनल इंटिग्रिटी को बार-बार उछाला गया हवा में
और मैं किसी बकरे की तरह कठघरे में खड़ा चुपचाप,
सोचता रहा राशन के बकाया के बारे में
बनियें का खुर्राट चेहरा और मेरी बीबी का झांकना बार-बार खाली कनस्तर को
बच्चे स्कूल छोड़ देंगे क्या? वह घर कैसा होगा जहाँ मेरी हाजिरी नहीं है,
पर टूटा हुआ आइना अब भी वहीं होगा जिसे मैं बदलने वाला था
बारिश भी आनेवाली है, क्या घर टपकना कम हो जायेगा ?
अम्मी को नींद नहीं आयेगी, खटिये पर खांसती रहेगी रात भर,
दवाई लेने अस्पताल कौन जायेगा ?
सजा-ए-मौत की मांग हुई, मेरे लिये, एक आतंकवादी के लिये,
देश भक्ति का बाजार गर्म हुआ, अच्छा व्यापार हुआ
न्यूज़ और डिस्काउंट के बीच न्यूज चैनल ने बेचा सरकारी झूठ
होममिनिस्ट्री ने सुरक्षा इंतजाम के पुखते वादे किये
आर्म्स के फ्रेश आर्डर दिए गये विदेशी एजेंसियों को
स्विस बैंक के गुप्त खाते में हेर फेर हुआ
मेरे खिलाफ एक ग्लोबल वार छिड़ गया
दुनियां के सारे मुनाफाखोर एक हुए
डायलेश में एक शानदार पार्टी हुई
बिल को सील किया गया कि, मेरी लाश से निकले तेल को कौन कितना पीयेगा ?
अपनी खुमारी में हुक्मरानों ने फरमान जारी किया ,
कि मेरी मौत उपलब्धी है मानवता के लिये,
विश्व प्रेम व शांति के लिये जरूरी है ,
हाँ, निहायत ही जरूरी है ,
पूंजी के वृद्धि के लिये सड़कपर मर जाना
जरूरी है किसानो का नरसंहार भी, कि मौनसेंटो धन कम सकें
मजदूरों का भूखों मरना भी जरूरी है, कि देश का डी.जी.पी. बढ़ता रहे
और जरूरी है हिंदुस्तान के मुसलमान का हाशिये पर होना भी
कि बंटवारे की राजनीति बनी रहे,
ये बंटवारा नहीं है मेरे दोस्त, ये शोषण हमारी नियति है
तिल-तिल मरना हमारा कि वो और भी अय्याश हो जाएँ ! -अजय साव मुंबई
