एक कार वाला एक तोता को टककर मार दिया...चुटकुला-
पुनीत कुमार निषाद ग्राम अछोटी से एक चुटकुले सुना रहा है-
एक कार वाला एक तोता को टककर मार दिया-
तोते को उठाकर कार वाले ने पिंजड़े में डाल दिया-
दूसरे दिन जब तोता को होस आया तब वह बोला-
अयला ये कार वाला मार गया था...
Posted on: Oct 05, 2020. Tags: CHUTKULA SONG VICTIMS REGISTER
बच्चो के लिये जनरल नॉलेज...
डोंगरपुर, राजस्थान से प्रकाश मीणा जो दृष्टिबाधित हैं, बच्चो के लिये जनरल नॉलेज बता रहे हैं, जिससे वे बच्चे जो गाँव में रहते हैं, इंटरनेट की सुवधा से दूर हैं, जिनके पास केवल एक छोटा फोन है जिससे केवल बात कर सकते हैं, दूसरे वे बच्चे जो देख नहीं सकते केवल सुन सकते हैं, इसे सुन सके और सीख सकें| एसी जानकारी रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Oct 05, 2020. Tags: EDUCATION SONG VICTIMS REGISTER
हमर देश के माटी मा माटी संगी-गीत सुना रहें है...
सम्पत यादव ग्राम -गोपमा ब्लॉक- जयजयपुर जिला – जांजगीर चापा छत्तीसगढ़ से छत्तीगढ़ीया गीत सुना रहे हैं |
हमर देश के माटी मा माटी संगीहमर देश के माटी म संगी उपजे सोना धान
ये धरती के अचरा म जुड़ा लोव गा किसान
ये धरती के अचरा म जुड़ा लो गा किसान
हमर देश के माटी म संगी
हमर देश के माटी म संगी उपजे सोना धान
ये धरती के अचरा म जुड़ा लोव गा किसान
नदियाँ नरवा पहाड़ पर्वत झुर झुर बोहेय
झुर झुर बोहेय रे संगी झुर झुर बोहेय
सावन बादोव के नोवका दर्जा जोर से पानी बरसे
सुनाव गा संगी सुनाव गा साथी सुनाव गा जवान
ये धरती के अचरा म जुड़ा लोव गा किसान
सम्पर्क नंबर 789 8866791
Posted on: Oct 05, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
उठो सुनो प्राची से उगते सूरज की आवाज...गीत-
बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
उठो सुनो प्राची से उगते सूरज की आवाज-
अपना देश बनेगा सारी दुनिया का सरताज-
देश सबसे पहले जिसने जीवन ज्योती जलाई-
और ज्ञान की किरणे सारी दुनिया में फैलाई-
अगणित बार बचाई जिसने मानव का किला-
अपना देश बनेगा सारी दुनिया का सरताज... (AR)
Posted on: Oct 05, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
रुक गया आंख से बैहता हुआ दरिया कैसे-गजल प्रस्तुत कर रहें है...
मारतांड सिंह इंद्राक्लास संगीत विश्वविद्यालय ग्राम-खैरागढ़ से गजल सुना रहा है,
रुक गया आंख से बैहता हुआ दरिया कैसे-
गम का तूफान तो बहोत तेज था ठहरा कैसे-
मुझको खुद पर भी भरोसा नहीं होने पाता-
लोग कह लेते गैरो पे भरोसा कैसे-
रुक गया आंख से बैहता हुआ दरिया कैसे-
हर घडी तेरे ख्यालो में खोया रहता हूँ-
मिलना चाहू तो मिलु खुद से तनाह कैसे-
गम का तूफान तो बहोत तेज था ठहरा कैसे-
