कौन बरन के ढबरा हो हमने निक न लागे...गीत-

ग्राम-सहपुर,पोस्ट चौथर,जिला रीवा (मध्यप्रदेश ) से विनीत कुमार यादव महिलाओं के उपर एक दादरा गीत सुना रहें हैं-
कौन बरन के ढबरा हो हमने निक न लागे-
मइके के निक लागे माया बहिनिया-
ससुरे के लहूरी ननंदिया हो हमे निक ना लागे-
मइके के निक लागे बागे-बगीचा-
ससुरा के भरी फुलवरिया हो हमे निक न लागे-
मइके के निक लागे महिला द्वी महिला-
ससुरे के रंगी महलिया हो हमे निक न लागे-
कौन बरन के ढबरा हो हमने निक न लागे...RK

Posted on: Oct 16, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

मैं जन्म से ही दिव्यांग हूँ किन्तु आज तक नही मिला दिव्यांग पेंशन, कृपया दिव्यांग पेंशन दिलाने सहय

ग्राम पंचायत-भेलौनी, ब्लॉक-पामगढ़, तहसील-पामगढ़, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से रमेश कुमार बंजारे (दिव्यांग) बता रहें हैं जन्म से आज तक दिव्यांग पेंशन नही मिला जिसका पेंशन के लिए ग्राम पंचायत मे आवेदन किये किन्तु कोई निराकरण नही किये इसलिए सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अपील कर रहें हैं दिए गये फ़ोन नंबर पर बात करके दिव्यांग पेंशन दिलाने में मदद करे. संपर्क@7489893667. सरपंच@89668862. डिप्टी कलेक्टर@9826321962. (179639) RK

Posted on: Oct 16, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER

कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-जस गीत...

ऋतिक ठाकुर ग्राम-मडपारा,नम्बर-वर्ड-03,जिला-दुर्ग (छत्तीसगढ़) से जस गीत सुना रहें है:
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर नैना-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर नैना-
नव दिन के तै पहुना बनके,नव दिन के तै पहुना बनके-
नव दिन के तै पहुना बनके,आजा वो नव रतिया माँ-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-
ककरो तै सहारा बने उऊ ककरो बने ज्योति-
ककरो बने अन के अस, ककरो बने तै बेटी-
ककरो घर मा टोला विराजे, ककरो मन के तीर-
कोनो हा तोला माटी माँ देखे कोनो हा मंदिर मा-
एही रदा माँ देखत देखत मन हा मोर जुडाथे-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-
नव दिन के तै पहुना बनके,नव दिन के तै पहुना बनके...

Posted on: Oct 16, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER

कहमा से अगेली पियरिया...सोहर गीत-

ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक सोहर गीत सुना रही हैं:
कहमा से अगेली पियरिया-
पियरिया लागे झालर हो-
सखी हो कहमा से आवे-
गोद भराई सगुन दिल बुझालन हो-
सोचिया बैईठ पूछे सासू जे बाजे अब बधईया हो...(AR)

Posted on: Oct 15, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

कैसे चुकाऊं इन सांसो का मोल माँ...गीत-

ग्राम-अमनदुला, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से चंद्रकांत लहरे एक गीत सुना रहे हैं:
कैसे चुकाऊं इन सांसो का मोल माँ-
जनम देने वाले इतना तो बोल माँ-
मैंने कभी किया नहीं दान धरम-
छल से भरा है मेरे सारे करम-
किसी से न बोले मैंने, दो मीठे बोल माँ...(AR)

Posted on: Oct 15, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

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