आ यीशु दिल में समाय जा रे तू...गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खलखो एक गीत सुना रही हैं :
आ यीशु दिल में समाय जा रे तू-
तोर बिना जीवन सूना-सूना-
तोर बिना जीवन अंधियारा-
साथ देने वाला मुक्ति देने वाला-
प्रभु दया करो आश देने वाला-
कृपा देने वाला प्रभु दया करो-
आ यीशु दिल में समाय जा रे तू...
Posted on: Dec 13, 2019. Tags: BALRAMPUR CG SANDHYA KHALKHO SONG VICTIMS REGISTER
तेवकले मनवानी बूझे, मनवा है बरे अनजान...गीत-
बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खलखो एक गीत सुना रही हैं :
मनवा कर पाप लागे, प्रभु ये सुहाना है रे-
तेवकले मनवानी बूझे, मनवा है बरे अनजान-
अंधा के आंख देले, लंगड़ा के पाँव हो-
अंधा के आंख देले, बहिरा के कान हो-
गूंगा के बोली देले, मुर्दा के जीवन हो-
रोगी के चंगा करले, मुर्दा के जीवन हो-
तेवकले मनवानी बूझे, मनवा है बरे अनजान...
Posted on: Dec 13, 2019. Tags: BALRAMPUR CG SANDHYA KHALKHO SONG VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ पारम्परिक मंडई-मेला जिला बालोद...
सीजीनेट स्वर जन पत्रिका यात्रा के दौरान जिला-बालोद (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट मंडई-मेला गाँव के अंचल में पहुचें है, उसी के दौरान आशा साहू एक छोटा व्यपारी जो मंडई-मेला में फलों का दुकान लगाकर सामानों को बेचते है, जिसे अपनी परिवार की गुजारा चलाने में अहम भूमिका होती है, और साथ में खेती-बाड़ी का कार्य भी किया जाता है, परन्तु उनके द्वारा बताया जा रहा है कृषि कार्य से पर्याप्त नही पाता इस लिए इस व्यापार को करना अतिआवश्यक है, इस सन्देश के माध्यम से लोगों को प्रेरित कर रहें है जीवन में अपनी जीवनयापन चलाने के लिए किसी एक कार्य को सम्पूर्ण से लगातार करने से सफल माना जाता है. इस प्रकार की कार्य हर एक इन्सान को करना चाहिए जिसे अपने जीवन में सुख पा सकें.
Posted on: Dec 12, 2019. Tags: BALOD CG KANHAILAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
इसाई गीत : प्रेम का सागर तू, प्रेम का सागर तू...
ग्राम-भगवानपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से शकुंती मरावी एक इसाई गीत सुना रही है:
प्रेम का सागर तू, प्रेम का सागर तू-
ईशा वचन में हरदम सुनता-
मिलता मुझे जीवन देता मुझे जीवन-
प्रेम का सागर तू, प्रेम का सागर तू...
Posted on: Nov 28, 2019. Tags: BALRAMPUR CG SAKUNTI MRAVI SONG VICTIMS REGISTER
करमा गीत : हायरे हाय बंगला सुना है यार...
जमशेदपुर टाटा (झारखंड) से एच.डी. गाँधी और उनके साथ है तहसील-वैहर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) के निवासी मनसाराम मंडावी एक करमा गीत सुना रहें है:
हायरे हाय बंगला सुना है यार-
काहा गयें घर वालें बंगला सुना है रे-
कहर जबलपुर के दक्षिण में उचें पहाड़ दिखायें-
ये पथर पर महल बना है मदन मरावी बनवायें-
रामनगरगढ़ मोती महल को हृदय शाह बनवायें-
बावनगढ़ राम शाह के, चौरा गढ़ सर नाम-
काहा गयें घर वालें बंगला सुना है रे-
नाजीगढ़ ते काम राजा, धमधा गढ़ मरकाम-
केरला गढ़ के करौव राजा, गढ़ मंडला मरावी-
काहा गयें घर वालें बंगला सुना है रे-
हायरे हाय बंगला सुना है यार...
