स्वास्थ्य स्वर : "हकलाना" नामक बीमारी घरेलु रोग उपचार...
ग्राम-कुम्हार गनिया, पोस्ट-बाजार चारभाठा, तहसील-सहसपुर लोहरा, जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से कनक राम कौशिक ‘हकलानी’ वाली बीमारी के बारे में बता रहा है. जब बोलते समय अटकते है, किसी विशेष शब्द के उच्चारण में दिक्कत आती है, किसी शब्द को बोलने की कोशिश में बार बार वह शब्द दोहराया जाता है तो या बोला ही नहीं जाता तो इसे हकलाना कहते है। अधिकतर किसी दबाव तनाव या अधिक उत्साहित होने की अवस्था में किसी विशेष शब्द का उच्चारण नहीं हो पाता। फ़ोन पर बात करते समय, किसी बड़े व्यक्ति से बात करते समय, किसी ग्रुप में बोलते समय या इंटरव्यू आदि के समय यह परेशानी अधिक होती है|
हकलाने का उपचार – (पहला नुस्का) बादामगिरी-07, काली-07, दोनों को पानी में डालकर चटनी बना ले और उसके बाद मिश्री (शक्कर) मिलाकर खाली पेट चट कर खाए.
(दूसरा नुस्का) तेज पत्ती को जीभ के निचे दबाकर रखने से या इसी प्रकार अभ्यास करने से किसी भी शब्द पर अटकना कम हो जाता है।
Posted on: Sep 30, 2019. Tags: KANAKRAM KAUSHIK KABIRDHAM CG SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : अंडकोष बामारी का घरेलू इलाज बता रहा है...
ग्राम-कुम्हार गनिया, पोस्ट-बाजार चारभाठा, तहसील सहसपुर लोहरा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से कनक राम कौशिक अंडकोष रोग उपचार बता रहे है. इस रोग में रोगी के अण्डकोषों में पानी भर जाता है जिसके कारण उसके अण्डकोष में सूजन आ जाती हैं। जब यह रोग किसी व्यक्ति को होता है तो उसके केवल एक ही तरफ के अण्डकोष में पानी भरता है। इस रोग का इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से किया जा सकता है। अंडकोष पर किसी प्रकार की चोट लगना, नसों का सूज जाना, स्वास्थ्य की समस्याएं, अधिक शारीरिक सम्बन्ध बनाना, भारी वजन उठाना जैसे कई कारणों से यह बिमारी हो जाती है. इस बीमारी को ठीक करने के लिए तम्बाकू की हरा पत्ती को उल्टा रखकर एरंडी का तेल लगायें हल्के आग आंच में सेके और उसके बाद अंडकोष वाले भाग में बांध दे इस तरह के उपचार को नियमित रूप से कम से कम 3 से 7 दिनों तक करें जल्द ही आराम मिलेगा.
Posted on: Sep 28, 2019. Tags: KANAKRAM KAUSHIK KABIRDHAM CG SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : प्रदर रोग या धात का घरेलू उपचार-
ग्राम-कुम्हार गनिया, पोस्ट-बाजार चारभाठा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से कनक राम कौशिक प्रदर रोग का घरेलू उपचार बता रहे हैं, इसे धात रोग के नाम से भी जाना जाता है, इस समस्या के ईलाज के लिये सूखा आंवला बिना गुठली वाला 50 ग्राम, छोटी हरण 50 ग्राम, रसौक 50 ग्राम सभी को बराबर लेकर चूर्ण बना लें, उसके बाद सभी को मिला लें, मिलाकर प्रतिदिन सुबह एक चम्मच सेवन करें लाभ हो सकता है, इसके अलावा सीसम की पत्ती के रस का सरबत बनाकर सेवन करने से भी लाभ हो सकता है, भोजन में खटाई, मिर्च, मसाला का सेवन न करें, अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9179998149.
Posted on: Sep 19, 2019. Tags: CG HEALTH KABIRDHAM KANAKRAM KAUSHIK SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : बार-बार पेशाप आने की बीमारी का घरेलु उपचार...
ग्राम-कुम्हार गनिया, पोस्ट-बाजार चारभाठा, तहसील-सहसपुर लोहारा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य कनकराम कौशिक बार-बार पेशाब आने की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं, काला तिल 200 ग्राम लेकर अच्छे से कूट कर चूर्ण बना लें और उसे 250 ग्राम गुड की चाश्नी में मिलाकर 20-20 ग्राम की लड्डू बनाकर सुबह शाम एक-एक लड्डू सेवन करें, छोटे बच्चों को छोटी गोली बनाकर खिलाये, ऐसा उपयोग करने से बार-बार पेशाब आने की समस्या में आराम मिल सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : कनकराम कौशिक@9179998149.
Posted on: Sep 16, 2019. Tags: CG HEALTH KABIRDHAM KANAKRAM KAUSHIK SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : पेचिस या दस्त बीमारी का घरेलू उपचार-
ग्राम-कुम्हारगनिया, पोस्ट-बाजार चारभाठा, तहसील-सहसपुर लोहरा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से कनकराम कौशिक पेचिस बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं| इस बीमारी में इंसान दस्त के कारण दुबला पतला हो जाता हैं| पानी की कमी हो जाती है| इस समस्या से बचने के लिये साफ किया हुआ सौफ 200 ग्राम लें| उसके बाद उसे 100-100 ग्राम के दो भाग कर लें| उसमे से 100 ग्राम को तवे में सेंक लें| उसके बाद दोनों को मिला लें| फिर मिश्री मिलाकर उस मिश्रण को पीसकर चूर्ण बना लें| और कांच के बर्तन में रखें| बीमार व्यक्ति को दिन में 3 से 4 बार 2-2 चम्मच सेवन करें, और पानी पियें, लाभ हो सकता है: संपर्क नंबर@9179998149.
