Impact: Got compensation for loss after elephant attack, but some waiting...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया ने हाथियों द्वारा फसल नुकसान कर देने के बाद मुवावजा नही मिलने की समस्या का सन्देश रिकार्ड किया था. सीजीनेट स्वर सुनने वाले साथियों द्वारा समस्या से संबधित अधिकारियो से बातचीत करने के बाद पीड़ित व्यक्तियों को मुवावजा मिला है जिससे वे सीजीनेट स्वर सुनने वाले साथियों तथा समस्या संबधित अधिकारियो को धन्यवाद् दे रहे है और कुछ लोगों मुवावजा नही मिलने के सन्दर्भ में इन अधिकारियो को फिर से संपर्क करके मुवावजा को दिला में मदद करने की अपील भी कर रहे हैं कलेक्टर@09425585298, 09893509012, SDM@9424166557, सिपाही@09926602462, दरोगा@08889452625. पोया@9575922217
Posted on: Dec 15, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
सीजीनेट रिपोर्ट के बाद अधिकारी आए, कहा बरसात के बाद नलकूप खुद जाएगा, फिर भूल गए...
हम लोग नदी नाले का गंदा पानी पीते है जो बहुत दूर भी पड़ता है क्योंकि हमारे यहाँ नलकूप नहीं है बता रहे हैं ग्राम – देवरी जिला – सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया । वे बता रहे हैं कि मई जून में यह समस्या विकराल हो जाती है इसके लिए मैंने सीजीनेट स्वर में रिपोर्ट रिकॉर्ड कराया था जिसको सुनकर नलकूप विभाग से सम्बंधित अधिकारी हमारे गाँव आये थे और आश्वासन दिया था कि बरसात के बाद आपके गाँव में नलकूप खुदवा दिया जायेगा परन्तु अभी तक नलकूप नहीं खुदवाया है इसलिए आप सभी साथी कृपया इन नम्बरों पर फिर से फ़ोन करके हम गाँव वालों की मदद करे.कलेक्टर@9893509012 नलकूप इंजीनयर@8435790000 एस डी एम्@09424166557. कैलाश सिंह पोया@9575922217
Posted on: Dec 04, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
गेठी कांदा नकवा के खाई, गेठी कांदा लागे दवाई...प्राकृतिक कंद-मूल पर गीत
ग्राम पंचायत देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया प्राकृतिक कंद-मूल पर एक गीत सुना रहे हैं:
गेठी कांदा नकवा के खाई, गेठी कांदा लागे दवाई-
कोन ला भाप ले थे, कोन ला हन बिष ले थे-
कोन ला करत हे पसाई, केकती कांदा लगत हे दवाई-
नकवा के गेठी खाई, हमर देह लगत हे दवाई-
गेठी कांदा नकवा के खाई, गेठी कांदा लागे दवाई...
Posted on: Nov 09, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हो पिया भगे डुमरा का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे...पारम्परिक गीत
ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बोल रहे हैं कि आजकल लड़के बच्चे माता-पिता को दाई-दाऊ नहीं बोलते और सुन-सुन के मम्मी-पापा बोलते हैं जो कि पारम्परिक नाम नहीं है जिससे वे दुखी हैं और इसी बात पर फूलों पर उनके किये एक गीत सुनाना चाहते हैं जिससे वे अपने रीति रिवाज के बारे में सीख सकें:
हो पिया भगे डुमरा का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे-
अँधा ला दाल भात गीवा डरा काल फूले दो काहेक बैठे-
पिया भगे डुमरी का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे
रान्दला दाल भात गीवा डरा का...
Posted on: Nov 08, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
पिया बड़े बइमान खुदसी-खुद्सी जिव ला लेहे रे...फागुन गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़, से कैलाश सिंह पोया एक परम्परा होली का गीत सुना रहे हैं:
पिया बड़े बइमान खुदसी-खुद्सी जिव ला लेहे रे-
कहाँ छोड़े खंडा मछरी ला कहां हो-
कहां किसान, खुद्सी खुद्सी जिव ला लेहे-
पीया बहर बइमान खुद्सी-खुद्सी जिव ला लेहे-
कहां छोड़े खंडा मछरी कहाँ जग छोड़े कोरा बालक-
पीया बड़े बइमान खुद्सी-खुद्सी जिव ला लेहे...
