पहिल पहिल स्कूल गयेन...बघेली कविता-

ग्राम, पोस्ट-पडरी, तहसील-सिरमौर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) रमेश प्रसाद यादव एक बघेली कविता सुना रहे हैं:
पहिल पहिल स्कूल गयेन, जब कापी मोड़ो का ना जानी-
गये पाछी बडिका लीहे, गठियाय रोटी औ पानी-
तो बईठ गयेन लाईन मा, बढ़िया पोल्थी मारे-
सरस्वती के मंदिर मा नहींन गयेन सहारे-
पंडित जी एक डंडा लीहिन, लागिन हमी पढावे-
या मेर के अक्षर बनवा, ढंग से लगिन बतावें...

Posted on: Sep 17, 2019. Tags: MP POEM RAMESH PRASAD YADAV REWA SONG VICTIMS REGISTER

कबूतर एक पक्षी का नाम ख़त पहुँचाना इसका काम...कविता-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक कविता सुना रहे हैं :
कबूतर एक पक्षी का नाम ख़त पहुँचाना इसका काम-
प्यारा-प्यारा है खरगोश सबसे न्यारा है खरगोश-
गमले में है फूल खिला तितली इन पर डेरा डाले-
कितना सुंदर है ये घर हम सब रहते हैं इसके अंदर-
चुन्नू चमचम लेकर आओ चम्मच से तुम चम्मच को खाओ-
छतरी मेरे मन को भाये वर्षा से यह मुझे बचाये...

Posted on: Sep 17, 2019. Tags: ANUPPUR LALLU KEWAT MP POEM SONG VICTIMS REGISTER

काली कोयल बोल रही है...लोकगीत-

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक लोकगीत सुना रहे हैं:
काली कोयल बोल रही है डाल-डाल पर डोल रही है-
कुहू-कुहू कर गीत सुनाती कभी नहीं मेरे घर आती-
सुंदर और सजीला आम, कितना रंग रंगीला आम-
सब के मन को भाता आम,कितना रंग रंगीला आम-
काली कोयल बोल रही है डाल-डाल पर डोल रही है-
कुहू-कुहू कर गीत सुनाती कभी नही मेरे घर आती...

Posted on: Sep 17, 2019. Tags: ANUPPUR LALLU KEWAT MP SONG VICTIMS REGISTER

डगरिया मत रोको सीजीनेट वारो...गीत-

जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से पंचू मरावी एक गीत सुना रहे हैं:
डगरिया मत रोको सीजीनेट वारो-
सीजीनेट वारो जी सीजीनेट वारो-
कहो तो भईया तुम्हे चाय हम पिलाहें-
बदनाम मत करियो सीजीनेट वारो-
जिनकी तुमने खाये उन्ही को तुम चुका दो-
बदनाम कहे कर हैं सीजीनेट वालो-
डगरिया मत रोको सीजीनेट वालो...

Posted on: Sep 16, 2019. Tags: MANDALA MP PANCHU MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ...कविता-

ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से भागवती केवट एक कविता सुना रही हैं:
चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ-
चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ-
चाह नहीं सम्राटों के शव पर हे हरि डाला जाऊँ-
चाह नहीं देवों के सिर पर चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ-
मुझे तोड़ लेना बनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक-
मातृ-भूमि पर शीश- चढ़ाने, जिस पथ पर जावें वीर अनेक...

Posted on: Sep 16, 2019. Tags: ANUPPUR LALLU KEWAT MP SONG VICTIMS REGISTER

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