काली कोयल बोल रही है...लोकगीत-
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक लोकगीत सुना रहे हैं:
काली कोयल बोल रही है डाल-डाल पर डोल रही है-
कुहू-कुहू कर गीत सुनाती कभी नहीं मेरे घर आती-
सुंदर और सजीला आम, कितना रंग रंगीला आम-
सब के मन को भाता आम,कितना रंग रंगीला आम-
काली कोयल बोल रही है डाल-डाल पर डोल रही है-
कुहू-कुहू कर गीत सुनाती कभी नही मेरे घर आती...
