14 houses damaged in one month by elephants but Forest dept not helping...

Sajal from Raigarh district in Chhattisgarh is telling us that a herd of elephants has attacked their village and one person was seriously injured while chasing and has been admitted in ICU. 14 houses has been damaged and 2 families are forced to live elsewhere in elephant attacks in last one month. He requests us to call forest officer at 09425593430 to ask why they are not making an elephant corridor to stop this menace. For more Sajal can be reached at 8964896483

Posted on: Aug 20, 2013. Tags: FOREST SAJAL KUMAR

बापू हमारी आखों के तारे ,छोड़ चले हमें किस के सहारे...

बापू हमारी आखों के तारे ,छोड़ चले हमें किस के सहारे
जब मेरे बापू का जनम हुआ था फूलो की बरसा होने लगी थी
जब मेरे बापू जी को गोली लगी थी ,तब सारी दुनिया रोंने लगी थी
जब मेरे बापू को जलाया गया था चन्दन की लकड़ी लागू गई थी

Posted on: Aug 16, 2013. Tags: Brijesh Kumar

Elephants destroying houses, crops, Pls help by making elephant corridore...

छत्तीसगढ़ के रायगढ जिले से सजल कुमार ने बताया है कि हमारे यहा हाथियों का आतंक एक सप्ताह से बना हुआ है हाथियों ने खेती के साथ कई घरों को नुकसान पहुचाया है .रात भर लोग जागते हुए अपने जान माल की सुरक्षा करते रहते है .बन विभाग हमको किसी प्रकार से सहयोग नही कर रहा है .कई लोग हाथियो के हमले से घायल हुए है किसानों को किसी प्रकार का कोई मुवावजा नही दिया गया है और न ही जान माल की सुरक्षा का कोई बंदोबस्त किया गया है| लोग इलाके मे हाथियों के लिए एक सुरक्षित क्षेत्र (कोरिडोर) की मांग कर रहे हैं | अधिक जानकारी के लिए सजल जी से 8964896483 पर संपर्क किया जा सकता है

Posted on: Aug 13, 2013. Tags: Sajal Kumar

We will start Dalit Swara Bal Kendra in our village on 6th August, Pls visit us...

Brijesh Kumar, a dalit activist from village Lohgarh in Rewa district of MP says in past I have used Swara in getting dalits their due wages, bonded laborers rescued and getting them subsidized ration etc. On 6th August we are opening a Dalit Swara Bal Kendra ( child center) where we will teach Dalit children for 2 hours free of cost and once a week tell people on how to use Swara to solve their problems. For more Birjeshji can be reached at 07898663342

Posted on: Aug 05, 2013. Tags: Brijesh Kumar

पहुँच गए हैं छोटे छोटे बच्चे-बच्चियाँ, खाली-खाली हाथ, खाली-खाली पाँव...

पहुँच गए हैं छोटे छोटे बच्चे-बच्चियाँ,
खाली-खाली हाथ, खाली-खाली पाँव
यहाँ नदी-किनारे, और बैठ गए हैं पाँत में
कि हो भोर, बढे गोड, भटक रही, भटक रही
नदी के पानी में

इनकी नन्हीं-नन्हीं अँगुलियाँ, थर-थर काँप रहीं हैं
मुँह से निकाल रही है भाप, सुडसुडा रही है नाक
हाथ-पाँव कनकनी से, ठिठुर-सिकुड गए हैं
ऐसी ठंड से बचने को, बस लुंगी-लुगा की बाँधे हैं गाती
पर देखिए, आकर यहाँ, कि सूर्य-उगने का अभी बेर बाकी
और यहाँ पहुँच इनकी आँखों में, उग आई है लालिमा
फूटने को हैं किरणें

अब जब हो गए है कुछ अँजोर, पानी में उतर चह-चह चहकने लगे हैं
और भर गए हैं मन-पोर पोर ऐसे हुलास से,
कि वे खो बैठे हैं क्षण-भर को अपना धैर्य
कमर-भर पानी में धुस गए हैं नंग-धडंग
और एक हाथ से पकडे फांड में, छान-छान एक हाथ से
रख रहे हैं, और गुदगुदी से, खिल खिलखिला रहे हैं
और जिस फूल को, कभी किसी ने देखा नहीं
न ही सुना कभी, उसकी तरह, महक रहे हैं

कि आ ! हा !आज जो इनके घरों से उठेगा धुआँ
होगा वह तो, वैसा ही, जैसा हर दिन, पर आज जो मिलेगा कौर-कौर स्वाद !
रोआँ-रोआँ गाएगा प्रीत-गीत रे वसंत ! अगर बबुओं ने न छिना, बच निकले
छुप-छुपाए, चहकते -महकते ये बच्चे, गाँव बाहर अपने टोला में

ओह ! कहीं डूबें न !सिहर-सिहर जा रहा देख !
पर वो तो छान रहे हैं, कभी कमर, कभी छाती-भर पानी में
चले जा रहे उन्हें छानते दूर तलक, ठंड में जो उतरा जाती हैं
झिंगवा, झिंगवा रे भाई !

कुमार वीरेंद्र—

Posted on: Jul 10, 2013. Tags: Kumar Virendra

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