बापू हमारी आखों के तारे ,छोड़ चले हमें किस के सहारे...
बापू हमारी आखों के तारे ,छोड़ चले हमें किस के सहारे
जब मेरे बापू का जनम हुआ था फूलो की बरसा होने लगी थी
जब मेरे बापू जी को गोली लगी थी ,तब सारी दुनिया रोंने लगी थी
जब मेरे बापू को जलाया गया था चन्दन की लकड़ी लागू गई थी
