सजना ओ सजना खुले में शौच कभी न करना...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी स्वच्छता पर आधारित एक कविता सुना रहे हैं:
सजना ओ सजना खुले में शौच कभी न करना-
सजनी ओ सजनी खुले में शौच कभी न करना-
सजना ओ सजना घर में शौच बनवाना-
सजनी ओ सजनी घर में शौचालय बनवाऊंगा-
खुले में शौच करने से फैलती है गंदगी-
घर में शौचालय बनवाने की करती हूँ बंदगी...

Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

माँ मुझे भी इतनी फौलाद बना दो...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
माँ मुझे भी इतनी फौलाद बना दो-
मै भी एक कुशल सैनिक बन जाऊं-
सरहदों में जाकर भारती माँ का काम आऊँ-
दुश्मन घुसपैठियों से डटकर लड़ पाऊँ-
न करूँ अत्याचार न अत्याचारियों को देखूं-
हंसते-हंसते अत्याचारियों पर गोली बरसाऊँ...

Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

राह लंबी हो गई या राही सक्षम नहीं, जाना था उस पार, पर यहीं का यहीं रह गये...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
राह लंबी हो गई या राही सक्षम नहीं-
जाना था उस पार, पर यहीं का यहीं रह गये-
छू लेना था असमान पर कद नाटे हो गये-
चीज यहां की चका चौंद उसी भवर में फस गये-
राह लंबी हो गई या राही सक्षम नहीं-
जाना था उस पार, पर यहीं का यहीं रह गये...

Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

पेड़ो की झुरमुटो से आती है पैगाम...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडीयारी एक कविता सुना रहे हैं :
पेड़ो की झुरमुटो से आती है पैगाम-
मै शांति की प्रतीक हूँ मुझसे ही तुम महान-
मुझसे तुम हो तुमसे मै नहीं-
मै तो प्रकृति की देन हूँ-
पवन मुझे सुलाती है, पवन मुझे उठाती है...

Posted on: Mar 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

घोर अंधकार से घिरा जब सुन्दर उजियारा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
घोर अंधकार से घिरा जब सुन्दर उजियारा-
पग पग-पर बिछे हैं सर्प बिच्छू-
काम के नाम पर तबाही की ओर चला जा रहा है-
मिट्टी, जल, जंगल, जलवायू, विनाश की ओर अग्रसर-
वन दानव, मानव सब रक्त की धार बहा रहे हैं...

Posted on: Mar 11, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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