स्वास्थ्य स्वर : सिकल सेल का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी सिकल सेल का घरेलू उपचार बता रहें है, बबूल का ताजे फूल को रात को एक गिलास पानी में 50 ग्राम, डाले उठने के बाद इन फूलों को मसल कर उसे छान कर और उसमे मिश्री मिला कर पिने से लाभ हो सकता है | परहेज़- ठण्डी से बचे, मिर्च, मसाला, तेल, खटाई का उपयोग कम करें, नशा न करें, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@7879751110. (182497) GT
Posted on: Dec 11, 2020. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER
पिहू-पिहू पपीहा बोले कुहू-कुहू कोयलिया हाय...दादरिया गीत-
ग्राम-डोटमा, ब्लाक-जयजयपुर, जिला-जांजगीर चापा छत्तीसगढ़ से सम्पतलाल यादव एक दादरिया गीत सुना रहें है:
पिहू-पिहू पपीहा बोले कुहू-कुहू कोयलिया हाय-
मोर मन के सुवा उड़ायें संगे तोर टूर में आयें-
तैहा मोला दे देते ना मोर मन के सुवा उड़ायें-
पिहू-पिहू पपीहा बोले कुहू-कुहू कोयलिया हाय-
कभी ना दुरे ते हस मोरे ना मोर संगी नई मिले-
पिहू-पिहू पपीहा बोले कुहू-कुहू कोयलिया हाय...(182590) GT
Posted on: Dec 11, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
वाडा वाडा दादा दीदी वाडा वाडा...गोंडी गीत-
ग्राम पंचायत-गोरियापाल,विकास खण्ड-बास्तानार,जिला-बस्तर,राज्य-छत्तीसगढ़ से कृष्णा कुमार कुंजाम गोंडी गीत सुना रहें हैं:
वाडा वाडा वाडा दादा दीदी वाडा वाडा वाडा-
हिगा मिन्दे दादा नया नियाम बना कितोर-
सी.जी नेट ते सी.जी नेट ते दादा सी जी नेट ते-
मुनेन मनल पात्र लिखा किस परेशान आनल दादा रा...
ID(182592)RM
Posted on: Dec 11, 2020. Tags: GONDI SONG
राम नाम का सुमिरन कर ले फिर प्रेम की माना रे...भजन-
विकानेर, राजस्थान से नारायण एक भजन सुना रहें है:
राम नाम का सुमिरन कर ले फिर प्रेम की माना रे-
उसका दुश्नम क्या करता रे जिसका राम रुकना रे-
उसका दुश्मन क्या कर सकता रे जिसका राम रुकना रे-
राम नाम का सुमिरन कर ले फिर प्रेम की माना रे-
हिरणा कुशु पहलाद भगत का ज्ञान दुश्मन बन के-
ज्ञान बन के दुश्मन जन्नदो को सुख में दे दिया-
राम नाम का सुमिरन कर ले फिर प्रेम की माना रे...(182618) GT
Posted on: Dec 11, 2020. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER
जख्मों को हवा दोगें की याद आएगी...गजल-
ग्राम+पोस्ट-अलहिया, जिला-बांधा, उत्तरप्रदेश से सुरेन्द्र पाल एक गजल सुना रहें है:
जख्मों को हवा दोगें की याद आएगी-
किसी को भी दगा दोगें मेरी याद आएगी-
खीचों गे तो गिरी पल मेरी तस्बीर बार बार-
फिर उसको मिताओगें मेरी याद आएगी-
तरिया बहते पानी परछाई देखू कैसे-
जुल्फों को सम्हालोगी मेरी याद आएगी-
जख्मों को हवा दोगें की याद आएगी...(182615) GT
