अपने हक़ की लड़े लड़ाई, अपने को पहचानो...कविता
कैलाश सिह पोया एक कविता सुना रहे हैं:
अपने हक़ की लड़े लड़ाई, अपने को पहचानो-
पढना लिखना सीख गये, अब पूरी दुनिया जानो-
अपने हक़ की लड़े लड़ाई, अपने को पहचानो-
पढना लिखना सीख गये, अब पूरी दुनिया जाने
यह कैसे हो सकता है, यह मिलकर सोचे-
सुख सुविधा गाँव-गाँव तक कैसे पहुंचे...
Posted on: Feb 07, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA
पंचायत में सब मिलजुलकर यह सोचे...कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
पंचायत में सब मिलजुलकर यह सोचे-
जानकारियां गाँव-गाँव तक कैसे पहुंचे-
पुस्तक में सब सार लिखे है-
हम सब के अधिकार लिखे है-
इसमें सब कानून लिखे है-
इसमें सब मजबून लिखे है-
वन से जल और जल से प्राण-
समझे कुदरत का विज्ञान...
Posted on: Feb 06, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
रेल चली भाई रेल चली सौ-सौ डिब्बे जोड़ चली...रेल पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया के साथ में बाबूलाल नेटी है जो एक कविता सुना रहे है:
रेल चली भाई रेल चली सौ-सौ डिब्बे जोड़ चली-
एक डिब्बे खाली थी,उसमें बैठी नियम जी-
नियम जी की काली टोपी,काले हैं कल्याण जी-
भोले है भगवान जी,सीता जी की गोद में-
कूद पड़े हनुमान जी ,लाल टमाटर खाऊंगा-
लाल-लाल हो जाऊंगा-
मामा जी बंदूक दिला दे,पाकिस्तान जाऊंगा-
पांच पकड के मरूँगा,6 पकड़ के लाऊंगा-
भारत माता के चरणों में अपना शीश झुकाउंगा...
Posted on: Feb 05, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
लाखो बच्चे है मजबूर शिक्षा उनसे कोषों दूर...शिक्षा पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
लाखो बच्चे है मजबूर शिक्षा उनसे कोषों दूर-
ध्यान लगाकर सुने सब भाई घर में रखे सफाई-
बुनियाद है चट्टान है मीनार है औरत-
हर मूलक की बीज का आधार है औरत-
औरत ही रचित संसार उसे मिले पूरे अधिकार...
Posted on: Feb 04, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
दल दला-दला भटूराई मन पाठ म काह करूँ आई...कर्मा गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा गीत सुना रहे है:
दल दला दला भटूराई मन पाठ म काह करूँ आई-
का केला बाघ दरे कहा केला चिता-
येका केला गवर दातियाई-
मेंन पाठला आका करूँ आई...
