लाखो बच्चे है मजबूर शिक्षा उनसे कोषों दूर...शिक्षा पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
लाखो बच्चे है मजबूर शिक्षा उनसे कोषों दूर-
ध्यान लगाकर सुने सब भाई घर में रखे सफाई-
बुनियाद है चट्टान है मीनार है औरत-
हर मूलक की बीज का आधार है औरत-
औरत ही रचित संसार उसे मिले पूरे अधिकार...
