हिंदी कथा सम्राट मुंशी प्रेमचन्द ने साहित्य को कल्पना से उतार कर जीवन की वास्तविकता से जोड़ा...
आधुनिक हिंदी कथा सम्राट मुंशी प्रेमचन्द ने साहित्य को कल्पना से उतार कर जीवन की वास्तविकता से जोड़ा। प्रेमचन्द जन्म १८८० में उत्तरप्रदेश के बनारस जिले के छोटे से गाँव लमही के किसान परिवार में हुआ, प्रेमचन्द भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन तथा नई राष्ट्रीय चेनता के प्रतिनिधि है, १९३० में विशाल भारत में उन्होंने कहा कि मेरी सबसे बड़ी अभिलाषा यह है कि हम स्वतंत्रता आन्दोलन में सफल हो, मै दौलत और सोहरत का इच्छुक नही हूँ पर यह जरुर चाहता हूँ कि दो- चार उच्च कोटि की रचनाएँ छोड़ जाऊं जिनका उद्देश्य स्वतंत्रता प्राप्ति हो. प्रेमचन्द की कृतियां प्रतापचन्द्र, श्यामा, कृष्णा, प्रतिज्ञा, सेवासदन, निर्मला, रंगभूमि, कायाकल्प, गबन, कर्मभूमि, गोदान, प्रेमपूर्णिमा आदि रचनाएँ रही| सुनील कुमार@9308571702.
Posted on: Mar 16, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
देश के युवा संकल्प लेकर पूरे देश में वृक्षारोपण अभियान चलाएं तो हमारा पर्यावरण ठीक रहेगा...
मालीघाट जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार उनके शहर के एक वृक्षारोपण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दे रहे है जहां अलग अलग प्रकार के पेड़ पौधे लगाए गए, पौधो में फलदार वृक्ष, फर्नीचर आदि पेड़ लगाऐ गये है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पौधारोपण कार्यक्रम में युवाओं ने बढ-चढ़ कर हिस्सा लिया और साथ साथ विधालय के ( NSS ) राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े विद्यार्थी, शिक्षक, प्राध्यापक सभी लोगो ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, वे कह रहे हैं कि पर्यावरण की दृष्टि से इस तरह की पहल बहुत ही सराहनीय है, अगर इस तरह के वृक्षारोपण कार्यक्रम को पूरे देश में चलाया जाए तो हमारा देश हरा भरा रहेगा और पर्यावरण भी अच्छा रहेगा| सुनील कुमार@ 9308571702
Posted on: Mar 16, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
योजना तो आई है पर अभी तक हमारे गाँव में शौचालय नहीं बने हैं और हम खुले में शौच को जाते हैं...
ग्राम-धीरी, पोस्ट-जैतपुरी, तहसील-बैहर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम बोल रहे है कि सरकार घर-घर शौचालय बनाने की बात करती है और 26 जनवरी की ग्रामसभा में 91 घरो में शौचालय बनवाने के लिए निर्देश दिए गए थे लेकिन अभी सिर्फ 6 बने हैं वे भी अधूरे गाँव के लोग अभी भी खुले में शौच कर रहे है| बेरोजगारों को शौचालय बनाने का काम नहीं दिया जा रहा है इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है कृपया इन अधिकारियों को फोन करें| सरपंच@8463848957, सचिव@7617347554, जनपद अध्यक्ष बैहर@9424906719, मुख्य कार्यपालन अधिकारी@9424713495, बालाघाट कलेक्टर@8989683099.जगदीश@ 8717907631
Posted on: Mar 16, 2017. Tags: JAGDISH KUMAR MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
होली की दुनिया, बड़ी निराली...होली कविता -
ग्राम-झांझर, पंचायत-बाखिल, तहसील-कोटड़ा, जिला-उदयपुर, (राजस्थान) से विनोद कुमार होली पर एक कविता सुना रहे हैं:
होली की दुनिया, बड़ी निराली-
लोग डालते कई रंग निराले-
कोई पिला डाले,कोई लाल डाले-
हरा डाले कोई केसरी डाले-
हर कोई बस गुलाल का रंग डाले-
कोई समझे रंग का महत्व-
कोई समझे होली का महत्व-
पर हम न समझे होली का रंग-
सोच रहे होंगे क्यों न समझे-
हम बताते है क्यों न समझे-
होली का रंग शाम उतारोगे-
रंग लगायो कुछ ऐसा लगायो-
बदले समाज की सोच को-
होली खेलो विचारो की खेलो-
होली की दुनिया, बड़ी निराली-
लोग डालते कई रंग निराले...
Posted on: Mar 15, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VINOD KUMAR RAJASTHAN
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का...लकड़ी गीत
मालीघाट, जिला-मुज़फ्फरपुर,(बिहार) से नीरज कुमार
पेड़ो की सुरक्षा के लिए एक गीत सुना रहे है :
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का-
जिसपे तेरा जनम हुआ हो-
पलने बनता लकड़ी का-
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का-
बुढ़ापे में जब चल ना सके तो-
सहारा बनता लकड़ी का-
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का-
जिस दिन तेरा मृत्यु हुआ ओ-
चिता रचाया लकड़ी का-
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का...

