जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का...लकड़ी गीत
मालीघाट, जिला-मुज़फ्फरपुर,(बिहार) से नीरज कुमार
पेड़ो की सुरक्षा के लिए एक गीत सुना रहे है :
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का-
जिसपे तेरा जनम हुआ हो-
पलने बनता लकड़ी का-
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का-
बुढ़ापे में जब चल ना सके तो-
सहारा बनता लकड़ी का-
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का-
जिस दिन तेरा मृत्यु हुआ ओ-
चिता रचाया लकड़ी का-
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का...
