स्वास्थ्य स्वर : शुगर बीमारी का घरेलू उपचार-
जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय शुगर बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, मेथी दाना को कपडे में बांधकर पानी में भिगो दें, उसके बाद उसका सेवन करें, सुबह के भिगोय दाने को शाम के समय और शाम को भिगोये दाने को सुबह सेवन करें, शुगर में लाभ हो सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं: संपर्क नंबर@9336201343.
Posted on: Mar 18, 2020. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
संगठन बनायेगें अधिकारों को जानेगें...संगठन गीत
ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक संगठन गीत सुना रही हैं:
आ गई है गरीबी हमपे, अधिकार जानने का मौका नहीं है-
संगठन बनायेगें अधिकारों को जानेगें-
संविधाने पढ़ेगें अधिकारे बनायेगें-
आगे बढ़कर अधिकारों को पाना है-
संगठन में बहुते शक्ति है-
संविधान बनायेगें, संविधान बनायेगें-
आ गई है गरीबी हमपे अधिकार जानने का मौका नहीं है...
Posted on: Mar 18, 2020. Tags: MP SONG SUKNYA REWA VICTIMS REGISTER
सिर बांधे मटुक खेलय होरी...होरी गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से ननकई देवी एक गीत सुना रही हैं :
सिर बांधे मटुक खेलय होरी-
सिर बांधे मटुक खेलय होरी-
पहली होरी गया जी मा खेलय-
गया गजादर के है जोड़ी-
हाँ गया गजादर के है जोड़ी-
सिर बांधे मटुक खेलय होरी-
सिर बांधे मटुक खेलय होरी...
Posted on: Mar 18, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर...बन्नी गीत-
ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक बन्नी गीत सुना रही हैं:
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने पापा से अर्जी करये-
मम्मी ऐसे वर ढूढ़ों रधुवीर जिसे गलमाला पड़ये-
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने चाचा से अर्जी करये-
चाची अइसन वर ढूढां रधुवीर जिसे गलमाला पड़ये-
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने भईया से अर्जी करये-
भाभी अइसन वर ढूढां रधुवीर जिसे गलमाला पड़ये-
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने पापा से अर्जी करये...
Posted on: Mar 18, 2020. Tags: MP SONG SUKNYA REWA VICTIMS REGISTER
अरे लाली लाली झंडा सुफेद रंग डोरिया...गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रानी एक गीत सुना रही हैं:
अरे लाली लाली झंडा सुफेद रंग डोरिया-
अरे देखत होई है देभौरा की लोर-
कि झंडा के निसनिया-
अरे गाँधी जो आवय झंडा को लहरावय-
अरे देखत होई है देभौरा की लोर-
अरे लाली लाली झंडा सुफेद रंग डोरिया-
अरे देखत होई है देभौरा की लोर...
