औरतें उठी नहीं तो जुल्म बढता जाएगा...महिला सशक्तिकरण गीत
बहनी दरबार, ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से उषा महिला सशक्तिकरण पर एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
औरतें उठी नहीं तो जुल्म बढता जाएगा-
जुल्म करने वाला सीना जोर बनता जाएगा-
देखो इन महिलाओ को जो आ गईं सामने-
इनके संग मिल जाओ तो सैलाब रुक ना पाएगा-
दिल में जो डर का किला है तोड़ दो अन्दर से तुम-
एक ही धक्के में यह अपने आप ही ढह जाएगा-
आओ मिलकर हम बढ़ें-पढ़ें अधिकार अपने छीन लें-
काफिला अब चल पड़ा है अब ना रोका जाएगा-
औरतें उठी नहीं तो जुल्म बढता जाएगा...
Posted on: Aug 11, 2015. Tags: SONG Usha Rewa VICTIMS REGISTER
No hand pump in our part of village, drinking water from stream, please help...
Sachin Pratap Singh is calling from Dhuvatal village Post Behrasi in Bharatpur block of Korea district in Chhattisgarh and says there is no source of water in ward no 2 thus villagers are forced to drink water from stream. This was complained to Sarpanch and secretary including MLA but they don’t respond. They want a hand pump for their part of village. You are requested to call Secretary@9617701532, PHE Officer@9040643687 and SDM@9424114819. Sachin@8458992473.
Posted on: Aug 11, 2015. Tags: SACHIN PRATAP SINGH SONG VICTIMS REGISTER WATER
कौन गड़न के वंशी लिलोड़ा...आदिवासी विवाह पाटा (गीत)
ग्राम-नयगवां, पंचायत-नंदराम, विकासखंड-मवई, जिला-मंडला, मध्यप्रदेश से धन सिंह परते एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. आदिवासी समाज में शादी के समय जब दूल्हा-दुल्हन को मंडप में बैठाया जाता है तब यह गीत गाया जाता है . इसे पाटा गीत कहते हैं:
कौन गड़न के वंशी लिलोड़ा-
कौन गड़न के हारे दीवारे हाय...
Posted on: Aug 11, 2015. Tags: Dhan Singh Parte SONG VICTIMS REGISTER
Today's news from newspapers in Gondi: 10th August 2015 -
आदिवासियों को नक्सली बताकर समर्पण, पुलिस लूट रही है वाहवाही – आदिवासी दिवस पर किया सत्कार – आदिवासी बच्चों के पोषण में अशिक्षा की बाधा – विश्व आदिवासी दिवस पर झूम उठा झारखंड, CM रघुवर दास भी हुए मस्त -
Posted on: Aug 10, 2015. Tags: DINESH WATTI NEWS SONG VICTIMS REGISTER
आज हम प्रेम और विश्वास के गीत गुनगुनाएंगे...नागासाकी पर कविता
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के. एम. भाई एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं. आज के ही दिन नागासाकी (जापान) में परमाणु बम गिराया गया था जिसमें बहुत लोगों की जाने गई थीं. कविता उसी सन्दर्भ में है :
इंसानियत की दहलीज पर हम नए रास्ते बनाएंगे-
शंकाओं की जमीन पर हम उम्मीदों के बीज उगाएंगे-
नागाशाकी की याद में एक नया जहाँ बसाएँगे-
भूलकर अतीत के अन्धकार को,
हम वर्तमान का एक नया सबेरा सजाएंगे-
कल हो या ना हो-
आज हम प्रेम और विश्वास के गीत गुनगुनाएंगे-
हथियारों की शेज पर फूलों का गुलदस्ता सजाएंगे-
नफरत की इस आग से प्रेम की ज्योति जलाएंगे-
आतंकी जख्मों पर हम दोस्ती का मरहम लगाएंगे-
चीखती आवाजों पर हम सरगम के नये सुर बनाएंगे...
