दिल लगा लिया है, दिल लगा लिया है...गोंडवाना गीत
ग्राम-निवसा, विकासखंड-मवई, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से मेवालाल टेकाम एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
गजब की दुनिया बनी है की-
जरा सोचे इस जहाँ पे रहने वाले-
अरे कल हम तुम नहीं रहेंगे-
गोंडवाना में दिल लगा ले-
दिल लगा लिया है, दिल लगा लिया है-
मैंने गोंडवाना से, मैंने गोंडवाना से-
मेरे अंग-अंग में दूध है गोंड का-
मेरे कण-कण में दूध है गोंड का-
अन्न खाया है मैंने गोंडवाना का-
दिल लगा लिया है...
Posted on: Jan 28, 2017. Tags: MEWALAL TEKAM SONG VICTIMS REGISTER
मै अपने बचपन की यादो को कैसे भुला सकता हूँ...गजल
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी बचपन की यादों पर एक गजल सुना रहे हैं :
मै अपने बचपन की यादो को-
कैसे भुला सकता हूँ-
जिसे मैंने आँखों से देखा हूँ-
जिसे मैंने कानो से सुना हूँ-
उन यादो को मैंने दिल मे बसाया हूँ-
उन यादो को मै कैसे भुला सकता हूँ-
ये यादे मुझे सपनों मे जगाती है-
चुपचाप क्यों सोये हो-
अभी सोने का समय नही है-
उठो अब सोने का समय नही-
कुछ खास करने को है-
मंजिल तुम्हारे करीब है-
उसे जाने ना दो बेबस नही-
तो तुम करके तो दिखा दो-
तुम्हारे हाथो मै छोटी सी कलम है-
उसे तो चलने दो-
फिर तुम्हारे हाथो मे होगी सारी दुनिया-
उसे मिटने ना दो रहो-
ना रहो तुम ये उपकार तुम्हारा रहेगा...
Posted on: Jan 27, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
तोर रचे रामायण तुलसी बड़ा जोर हो गए रे...धार्मिक गीत
ग्राम-ताराडांड, तहसील-जैतहरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल सिंह नेटी एक धार्मिक गीत सुना रहे हैं:
गाँव शहर और गली शोर म शोर हो गए रे-
तोर रचे रामायण तुलसी बड़ा जोर हो गए रे-
हिंदी के मान स्वर लिखे है तुलसी ज्ञानी-
गाँव-गाँव में बिकराये गा के राम कहानी-
भव-सागर भर जाये भर ये शोर हो गए रे...
Posted on: Jan 25, 2017. Tags: Babulal Singh Neti SONG VICTIMS REGISTER
चली जा रही है उमर धीरे-धीरे...भजन
ग्राम चौरभट्ठी, जिला अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से जयपाल राठौर एक भजन सुना रहे हैं:
चली जा रही है उमर धीरे-धीरे-
सुबह-शाम और दोपहर धीरे-धीरे-
बचपन जवानी भी बीती-
बुढ़ापा का होगा असर धीरे-धीरे-
शिथिल अंग सारे होंगे तुम्हारें-
तेरी मंद होगी नजर धीरे-धीरे-
तेरे हाथ पांवों में बल ना रहेगा-
झुकी जा रही है कमर धीरे-धीरे-
जो आया है उसको जाना पड़ेगा-
नही इसमें कोई कसर धीरे-धीरे-
चली जा रही है उमर धीरे-धीरे...
Posted on: Jan 24, 2017. Tags: NATHULAL RATHOD SONG VICTIMS REGISTER
मोर गाँव के तीर मा बहे खेलो नादिया आ-आ-आ...आंचलिक गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक आंचलिक गीत सुना रहे हैं:
मोर गाँव के तीर मा बहे खेलो नादिया आ-आ-आ-
नादिया के तीर-तीर हावे वो झरिया गोडा झरिया-
जड़ा माति पत्रा एती पतमा खाकर झमो आके नहावे...
