चली जा रही है उमर धीरे-धीरे...भजन
ग्राम चौरभट्ठी, जिला अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से जयपाल राठौर एक भजन सुना रहे हैं:
चली जा रही है उमर धीरे-धीरे-
सुबह-शाम और दोपहर धीरे-धीरे-
बचपन जवानी भी बीती-
बुढ़ापा का होगा असर धीरे-धीरे-
शिथिल अंग सारे होंगे तुम्हारें-
तेरी मंद होगी नजर धीरे-धीरे-
तेरे हाथ पांवों में बल ना रहेगा-
झुकी जा रही है कमर धीरे-धीरे-
जो आया है उसको जाना पड़ेगा-
नही इसमें कोई कसर धीरे-धीरे-
चली जा रही है उमर धीरे-धीरे...
