'रामकृष्ण मिशन ही हमारे लिए अभिभावक समान,' अबूझमाड़ में शिक्षित वर्ग की नींव रखी...
सुरेश कुमार दोरपा, जिनका गाँव गुदाड़ी, ब्लाक मुख्यालय ओरछा से 3 किमी अंदर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) में है, अपनी सफलता का श्रेय रामकृष्ण मिशन को देते हुए बताते हैं कि उन्होंने अच्छे भोजन की आशा में स्कूल जाना शुरू किया था। वर्तमान में वे छोटे डोंगर स्कूल में विज्ञान के लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं व उनके भाई, ओरछा के चिकित्सा अधिकारी डॉ सुखराम दोरपा, माड़िया समाज के पहले डॉक्टर हैं। उनका दावा है कि अबूझमाड़ में जो भी विकास दिखता है और जितने लोग भी शिक्षित हैं, उस में 80% योगदान नारायणपुर के रामकृष्ण मिशन स्कूल का है जिसकी स्थापना 1985 मे हुई थी। वे कहते हैं कि बचपन में ही उनकी माँ गुजर गई थीं और पिताजी मूक हैं। वे भीषण आर्थिक तंगी में बड़े हुए। आश्रम ने ही उन्हें लिए अभिभावक समान था जहां वे 1993 से 2005 तक अध्ययनरत थे। वे कहते हैं कि रामकृष्ण मिशन के महाराज (गुरुजी) उन्हें स्कूल ले जाने के लिए घर आते थे। वे कहते हैं कि विज्ञान ले कर 12वीं कक्षा पास करने के उपरांत उन्हें महाराज ने रायपुर जाने का सुझाव दिया, जहां के रामकृष्ण मिशन के छात्रावास में उन्हें जगह मिली और उसके उपरांत उन्होंने साइंस कॉलेज मे दाखिला लिया। वहाँ माइक्रोबायोलोजी में बीएससी किया और फिर रसायन शास्त्र मे एमएससी किया। उनके भाई, जो कि शारीरिक रूप से विकलांग हैं, कि स्कूली पढ़ाई बारसुर के जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई और उसके बाद रामकृष्ण मिशन की मदद से जबलपुर गए। दोनों भाइयों की पत्नियाँ भी रामकृष्ण मिशन स्कूल मे ही पढ़ती थीं। उनकी पत्नी ने स्कूल के बाद लखनऊ के रामकृष्ण मिशन से बीएससी नर्सिंग की व उनकी भाभी ने जगदलपुर से नर्सिंग कि पढ़ाई की। वर्तमान में दोनों नर्स के पद में कार्यरत हैं। संपर्क नंबर@9907937980
Posted on: Aug 07, 2021. Tags: CG FIRST MADIA DOCTOR NARAYANPUR ORCHHA RAMKRISHNA MISSION RAM KRISHNA MISSION SUKHRAM DORPA SURESH DORPA
पीडितो का रजिस्टर: माओवादियों ने गाँव छोड़कर जाने की धमकी दी...
ग्राम-बोड़ागाँव,ब्लाक-ओरशा,जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से कवारी वड्डे पिता सरादु वड्डे बता रहे हैं, माओवादियों ने धमकी दिए हैं |अगर गाँव छोड़कर नहीं गए तो घर को जला देंगे | इसीलिए 2008-07 के बिच में अपना गाँव छोड़कर आये हैं,अभ नारायणपुर शांति नगर में रहते हैं,उन्हें रहने के लिए एक छोटा सा घर हैं |उनको सरकारी से कुछ मदद नहीं मिली हैं |उनका कहना हैं की सरकारी से राशी की मदद मिले अधिक जानकारी के लिए इस नम्बर पर बात कर सकते हैं | संपर्क नंबर@7725892623.
Posted on: Aug 07, 2021. Tags: CG DISPLACED KAVARI WADDE MAOIST VICTIM NARAYANPUR VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर : पिता जी को सलवा जुडूम के समय 2006 नक्सलियों में जान से मार दियें...
लक्ष्ण दुग्गा पिता-सोमारू राम दुग्गा ग्राम पंचायत-बोरपाल, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं, उनके पिता जी को सलवा जुडूम के समय 2006 नक्सलियों में जान से मार दियें, गांव के सरपंच थे पहले| उन्हें सरकार के तरफ से सहयोग राशि मिला था| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@6266649799.
Posted on: Aug 07, 2021. Tags: 2006 CG DISPLACED KILLD LAXMAN DUGGA MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलीयों का काम नहीं करेंगे तो मारे जाएंगे...
ग्राम पंचायत-तोयेनार, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से रूपसाय सलाम बताते हैं की उन्होंने 3-4 साल नक्सलियों के लिए काम किया, लेकिन वर्त्तमान में उन्हीं के द्वारा मारे जाने के भय से पिछले 8-9 साल से शांतिनगर में रह रहे हैं। उनका पैतृक गाँव तोयनार है, जहाँ उनके घर को नक्सली हथियार व गोला-बारूद रखने के लिए इस्तेमाल किया करते थे। फिर दूसरी टुकड़ी आकर उसे ले जाती थी। वे नक्सलियों के लिए चावल, सब्जी वगैरह भी इकठ्ठा करते थे। वे कहते हैं कि वे नक्सलियों के लिए काम करने को मजबूर थे क्यूंकि अगर वे काम करने से इंकार करते, तो उन्हें मार दिया जाता। एक बार उनका किसी काम से शांतिनगर जाना हुआ जहाँ पे पुलिस को खबर मिलते ही उन्हें पकड़ लिया गया। वे उन्हें उनके गाँव ले गए व उन्हें बाध्य कर सारा असला-बारूद दिखाने को कहा। उसे जब्त कर पुलिस उन्हें भी अपने साथ वापस ले आयी। उन्हें कहा गया कि वापस जाना खतरे से खली नहीं होगा और सहायता राशि के नाम पे रू.1000 दिए। तब से वे शांतिनगर में ही रह रहे हैं और मजदूरी कर के गुज़ारा चलाते हैं। संपर्क नंबर@9770727570.
Posted on: Aug 07, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR RUPSAY SALAM VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलियों से 2015 में गांव छोड़कर आये...
मुंगरी वड्डे पति सोमारू वड्डे ग्राम-कुड्मेर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे है गांव में नक्सलियों ने बहुत परेशान करते थे| इसलिए पुराना गांव 2015 में छोड़कर डर से गुडरीपारा में रह रहे है| सरकार के तरफ से उन्हें पुलिस का नौकरी मिला हैं| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@9424172328.
