होली की दुनिया, बड़ी निराली...होली कविता -
ग्राम-झांझर, पंचायत-बाखिल, तहसील-कोटड़ा, जिला-उदयपुर, (राजस्थान) से विनोद कुमार होली पर एक कविता सुना रहे हैं:
होली की दुनिया, बड़ी निराली-
लोग डालते कई रंग निराले-
कोई पिला डाले,कोई लाल डाले-
हरा डाले कोई केसरी डाले-
हर कोई बस गुलाल का रंग डाले-
कोई समझे रंग का महत्व-
कोई समझे होली का महत्व-
पर हम न समझे होली का रंग-
सोच रहे होंगे क्यों न समझे-
हम बताते है क्यों न समझे-
होली का रंग शाम उतारोगे-
रंग लगायो कुछ ऐसा लगायो-
बदले समाज की सोच को-
होली खेलो विचारो की खेलो-
होली की दुनिया, बड़ी निराली-
लोग डालते कई रंग निराले...
Posted on: Mar 15, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VINOD KUMAR RAJASTHAN
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी का...लकड़ी गीत
मालीघाट, जिला-मुज़फ्फरपुर,(बिहार) से नीरज कुमार
पेड़ो की सुरक्षा के लिए एक गीत सुना रहे है :
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का-
जिसपे तेरा जनम हुआ हो-
पलने बनता लकड़ी का-
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का-
बुढ़ापे में जब चल ना सके तो-
सहारा बनता लकड़ी का-
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का-
जिस दिन तेरा मृत्यु हुआ ओ-
चिता रचाया लकड़ी का-
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी-
देख तमाशा लकड़ी का...
Posted on: Mar 14, 2017. Tags: NEERAJ KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
No health worker has ever visited my two malnourished children, says father
Brijesh Kumar has reached Kohnikala village in Jawa block of Rewa district in Madhya Pradesh and finds two malnourished children of Shyamlal who tells him that no Anganwadi ( Integrated Child Development Scheme center for 0-6 years children)worker has ever visited them. Children were weighed in hospital at the time of birth after that no one has also given them any nutritious food or advise. You are requested to call Anganwadi officer@9229665861 or 8109212722 and Collector@9425903973. Brijesh@9584443477
Posted on: Mar 14, 2017. Tags: BRIJESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
शिक्षक कम होने के कारण माता-पिता बच्चों को स्कूल नहीं भेजते, अधिकारी हमारी बात नहीं सुनते...
तहसील- कोटड़ा जिला उदयपुर राजस्थान से विनोद कुमार बता रहे है कि उनके तहसील में कई विद्यालयों में शिक्षको की कमी है और उन कमी को पूरा करवाने के लिए उच्च अधिकारियो को कई बार कहा गया लेकिन अभी तक कोई कारवाही नही की गई है माता पिता शिक्षक न होने के कारण बच्चों को स्कूल भी नहीं भेजते और इस वजह से बच्चो की पढाई ख़राब हो रही है मैं सुनने वाले समस्त साथियों से निवेदन करना चाहता हूँ कि वे दिए गए नम्बरों पर फ़ोन कर दबाव बनाते हुए कोटड़ा तहसील की स्कूलों में जल्द से जल्द शिक्षक लगवाने की कोशिश करे ताकि यहाँ के बच्चो की पढाई सही से हो पाए.कलेक्टर@9460387269 और जिला शिक्षा अधिकारी @9462022632.विनोद@7587454914
Posted on: Mar 12, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VINOD KUMAR RAJASTHAN
हिंदी माध्यम में पढ़ाई के कारण खुद नहीं बन सके इंजीनियर तो औरों को पढ़ा बना रहे हैं इंजीनियर...
साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर, (बिहार) से सुनील कुमार ओमप्रकाश प्रसाद से बात कर रहे हैं जो बता रहे हैं कि वे अपने स्कूल के टॉपर थे पर गाँव के सरकारी स्कूल में हिंदी माध्यम में पढ़ाई होती थी और इंजीनियरिंग की पढ़ाई अधिकतर अंग्रेज़ी में होती है इसलिए चाहते हुए भी वे इंजीनियर नहीं बन सके तब उन्होंने ठान लिया कि उनके साथ जो दिक्कत हुई है वह और लोगों को न हो इसलिए वे अपने गाँव वापस आए और एक अंग्रेज़ी माध्यम का स्कूल शुरू किया। वे बता रहे हैं कि वे स्वयं इंजीनियर नहीं बन पाए पर उनके स्कूल से इस छोटी सी जगह से भी बहुत से बच्चे डाक्टर, इंजीनियर और उससे भी बड़े बड़े पदों पर पहुंचे हैं जिसकी उनको खुशी है – सुनील कुमार@9934671608
